K. Major Industries and Industrial Development of Jharkhand / झारखंड के प्रमुख उद्योग के नाम और स्थान तथा औद्योगिक विकास | FREE GS2 Book Notes sample

1. Major Industries of Jharkhand

There are strong prospects for economic development of Jharkhand especially because of its natural resources. Most of the industries in the state’s economy depend on these resources. Industries increase both employment opportunities and economic strength. With the increase in exports, production increases and this leads to the increase in revenue by sales. The pace of industrial development in the state is at a good rate. The state’s business is divided into two parts: 

1.1 Small Scale Industries

1.2 Large Scale Industries

1.1 Small Scale Industries

Small Scale Industries include rural industries, which have less capital and less production. Sometimes small industries also produce more with less capital. These industries include all small scale industries like khadi, handloom, rope, powerloom and cottage industries. On the basis of capital, industries starting with an investment of up to Rs. 60 lakhs are considered small scale industries and those starting with an investment of up to Rs. 5 lakhs are considered micro-scale industries. Cottage industries require very little capital and……………..

1. झारखंड के प्रमुख उद्योग-धंधे 

प्राकृतिक संसाधनों के परिप्रेक्ष्य में झारखंड राज्य के आर्थिक विकास की प्रबल संभावनाएँ हैं. राज्य की अर्थव्यवस्था में जितने उद्योग हैं, वे सभी इन संसाधनों पर निर्भर करते हैं.राज्य में औद्योगिक विकास की गति अच्छी है और यह इस राज्य के लिए अच्छे संकेत हैं. उद्योगों से रोजगार के अवसर और आर्थिक सुदृढता दोनों में वृद्धि होती है। निर्यात वृद्धि होने से बिक्री और उत्पादन द्वारा राजस्व वृद्धि होती है. राज्य के उद्योग-धंधों को दो भागों :

1.a लघु उद्योग 

2.a वृहद् उद्योग

1.a लघु उद्योग 

लघु उद्योगों में ग्रामीण उद्योगों सहित वे सभी उद्योग आते हैं, जिनमें कम पूँजी और कम उत्पादन होता है. कई बार लघु उद्योग कम पूँजी से ज्यादा उत्पादन भी करते देखे जाते हैं. लघु उद्योगों में खादी, हैंडलूम, रस्सी, पावरलूम जैसे सभी लघु उद्योग और कुटीर उद्योग आते हैं। पूँजी के आधार पर 60 लाख रुपए तक निवेश से शुरू उद्योग “लघु उद्योग “और 5 लाख रुपए तक के निवेश से शुरू उद्योग “अति लघु उद्योग “ की श्रेणी में आते हैं. कुटीर उद्योगों में बहुत कम पूँजी की आवश्यकता होती है और…………………….