C. Specific Identity of Jharkhand / झारखंड की विशिष्ट पहचान- 5. Religious Characteristics and Identity of Jharkhand / झारखण्ड की धार्मिक विशिष्टताएं एवं पहचान | FREE GS2 Book Notes sample

5. Religious Characteristics and Identity of Jharkhand 

  • ‘Bonga’ is the basis of religious belief and faith among the tribes of Jharkhand. According to them, Bonga is the power that resides in every atom. It has no form or color.
  • *Among the tribals like Santhal, Munda, Ho, Birhor etc. Adi Shakti (आदि शक्ति) and Almighty God (सर्वशक्तिमान देव) are called ‘Singbonga’. The people of Mal Pahadiya, Oraon and Khadiya tribes call him by the names of Dharma (धर्म), Giring (गिरींग), etc.
  • Other major deities of the tribals include Gramadevata (ग्राम देवता). He is called by many names like Hatu Bonga, Desauli Bonga, Chandi Bonga etc.
  • The belief associated with the Gramadevata is that he protects the village. For the success of hunting or farming, the grace of the Gramadevata is mandatory.
  • Another major deity of the tribes is the Grihdevata (गृह देवता). It is called ‘Oda Bonga’ by Munda, Ho etc. It is believed that ancestors,………………..

(ङ) झारखण्ड की धार्मिक विशिष्टताएं एवं पहचान

  • झारखण्ड की जनजातियों में धार्मिक विश्वास और आस्था का आधार है- ‘ बोंगा ‘ उनके अनुसार बोंगा वह शक्ति है, जो जग के कण-कण में व्याप्त है। उसका कोई रूप या रंग नहीं होता.
  • ** संथाल, मुंडा, हो, बिरहोर आदि जनजातियों में आदि शक्ति एवं सर्वशक्तिमान देव को ‘सिंगबोंगा’ कहा जाता है. माल पहाड़िया, उरांव और खड़िया जनजाति के लोग उसे ही धर्म, गिरींग आदि नामों से पुकारते हैं. 
  • आदिवासियों के अन्य प्रमुख देवताओं में ग्राम देवता भी शामिल हैं. उसे हातू बोंगा, देसाउली बोंगा, चांडी बोंगा आदि कई नामों से पुकारा जाता है.
  • ग्राम देवता के साथ जुड़ी मान्यता यह है कि वह गांव की रक्षा करता है. शिकार हो या खेती, उसमें सफलता के लिए ग्राम देवता की कृपा जरूरी है.  जनजातियों का एक और प्रमुख देवता है- गृह देवता.  उसे मुंडा, हो आदि ‘ओड़ा बोंगा’ कहते हैं.
  • माना जाता है कि पूर्वज मृत्यु के बाद घरों