Jharkhand’s Land Related Laws / Acts english

H. Jharkhand’s Land Related Laws / Acts / झारखंड के भूमि संबंधि कानून / अधिनियम – 3. Other State Acts / अन्य राज्य परक अधिनियम | FREE GS2 Book Notes sample

Other State Acts

4.1 PESA law

After a long battle and struggles conducted by many social and tribal organizations and tribal leaders of the country the PESA law was given the status of law as a panchayat provision by the Government of India on 24 December 1996.

Under this, special powers were given to the gram sabhas covering the scheduled areas (fifth and sixth) so that their traditional customs and natural resources could be protected. The law enacted by the State Legislature on Panchayats will be similar to traditional and conservative beliefs, social and cultural practices and traditional management system of community resources.

  • There will be a Gram Sabha in each village, which will consist of nominees as per the Election Rules for the Panchayat at the village level.
  • The Gram Sabha will be able to give the traditions and beliefs of the citizens their cultural identity, conserve community resources and deal with traditional disputes. .
  • Each Gram Sabha will implement village development programs by the………

1. पेसा कानून 

पेसा कानून को भारत सरकार ने 24 दिसम्बर, 1996 को देश के कई सामाजिक तथा आदिवासी संगठनों और आदिवासी नेतृत्वकारियों के द्वारा चलायी गयी लम्बी लड़ाई व संघर्षों के बाद पंचायत उपबंध के रूप में कानून का दर्जा दिया.

इसके तहत अनुसूचित क्षेत्र (पांचवी तथा छठी) को शामिल करते हुए ग्राम सभाओं को विशेष शक्तियां प्रदान की गयी. आदिवासियों के पारम्परिक रीति-रिवाजों और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित किया गया. राज्य विधान मण्डल द्वारा पंचायतों पर बनाये कानून परम्परिक एवं रूढ़िवादी मान्यताओं,सामाजिक व सांस्कृतिक पद्धतियों और सामुदायिक संसाधनों की परम्परागत प्रबंधन प्रणाली के समरूप होगा। 

  • प्रत्येक ग्राम में एक ग्राम सभा होगी, जो ग्राम स्तर पर पंचायत के लिए निर्वाचन नियमावली के अनुसार नामांकित व्यक्तियों से मिलकर बनेगी.
  • ग्राम सभा नागरिकों की परम्पराओं और मान्यताओं को

H. Jharkhand’s Land Related Laws / Acts / झारखंड के भूमि संबंधि कानून / अधिनियम – 2. Santhal Pargana Tenancy Act or SPT Act / संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम या SPT Act | FREE GS2 Book Notes sample

SPT Act

“Santhal Pargana Tenancy Act” was also created for the Santhals of Santhal Parganas for the same purpose as that of “Chotanagpur Tenancy Act” viz. to restrict transfer of tribal land to non tribals. The Santhal Pargana Tenancy Act supplementary provision was implemented in the SPT Act, 1949. 

The first SPT Act details the traditional methods of Santhals.Prior to the Santhal Pargana tenancy act. The most important people who made the survey settlement report of the land of Santhal Parganas are MacPherson, Alanson, Ganger etc. O Meli has thrown enough light on the traditional legislation of Santhals in his Gazetteer.

The basic reason behind the formation of the SPT Act – plunder of money, land, religion, wealth and honor. The four brothers of Santhal Parganas – Siddo, Kanhu, Chand and Bhairo (who were sons of Chunno Murmu of Bhognadih) started the Santhal Revolution on 30 June 1855. This revolution took place

SPT Act

“संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम” भी “छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम” के उद्देश्य की तरह ही संथाल परगना के संथालों के लिए बनाया गया है. संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम अनुपूरक उपबंध SPT Act 1949 में लागू किया गया. यह नियम संथाल परगना के भू-स्वामियों और रैयतों के हित में इनकी भूमि की सुरक्षा में बनाया गया है, जैसे CNT Act बना है.

सर्वप्रथम SPT Act में संथालों की पारंपरिक विधि (Customary Laws) का विवरण दिया गया है. 

संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम के पूर्व संथाल परगना की जमीन का सर्वे सेटलमेंट रिपोर्ट बनाने वालों में प्रमुख व्यक्ति हैं- मैकफर्सन, एलन्सन, गेंजर आदि. संथालों के पारंपरिक विधानों पर अपने गजेटियर में ओ मेली ने पर्याप्त प्रकाश डाला है.

SPT Act बनने के पीछे का मूल कारण-धन, धरती, धर्म, धाक और इज्जत की लूट. संथाल परगना के चार भाई- सिद्दो, कान्हू, चांद और भैरो (जो भोगनाडीह के चुन्नो मुर्मू के बेटे थे) ने 30 जून, 1855 को संथाल क्रांति की शुरुआत की थे. यह क्रांति भोगनाडीह में हुआ था. जहां 50 हजार लोग जमा थे. अनेक युद्ध हुए संथालों और अंग्रेजों के साथ तथा कई बार संथाल विजयी रहे. कई अंग्रेज अधिकारी तथा अंग्रेजों के दलाल हूल क्रांतिकारियों द्वारा मारे गए.अंततः अंग्रेजी हथियार संथालों के

H. Jharkhand’s Land Related Laws / Acts / झारखंड के भूमि संबंधि कानून / अधिनियम- 1. Chotanagpur Tenancy Act or CNT Act / टेनेंसी एक्ट या CNT Act | FREE GS2 Book Notes sample

Chotanagpur Tenancy Act

The main reason behind all the ulgulans or revolutions that have taken place in Jharkhand, was the plunder of the land of people. Birsa Ulgulan was the biggest revolution against this land plunder. Birsa Munda’s Ulgulan ran from 1895 to 1900. After the martyrdom of Birsa, the British and missionaries enacted the Chotanagpur Tenancy Act or CNT Act for the protection of the lands of Chotanagpur.

The main purpose of the CNT Act- 

The main reason for bringing CNT Act on 11 November 1908 was:

  1. To end land-related plunder and dispute in Chota Nagpur,
  2. To end the revolution or pacification of ulgulan
  3. To protect the…………………..

टेनेंसी एक्ट या CNT Act

झारखण्ड में जितने भी उलगुलान या क्रांति हुई है, उसके पीछे का मुख्य कारण यहां के लोगों की जमीन की लूट था. बिरसा उलगुलान जमीन लूट के कारण हुई सबसे बड़ी क्रांति थी. 1895 से 1900 तक बिरसा मुण्डा का उलगुलान चला. बिरसा के शहीद होने पर अंग्रेजों तथा मिशनरियों ने छोटानागपुर की भूमि के संरक्षण के लिए छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम या छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट या CNT Act बनाया.

CNT Act का मुख्य उद्देश्य- 11 नवंबर 1908 को सीएनटी एक्ट लाने का प्रमुख कारण  निम्नलिखित  था:

i. भूमि संबंधी लूट व विवाद को छोटानागपुर में समाप्त करने,

ii. क्रांति या उलगुलान को शांत करने 

iii. यहां की मुण्डारी, खूटकट्टी, भूइंहरी, कोड़कर आदि जमीन की रक्षा के लिए

निम्नलिखित कुछ बिंदु CNT Act के बारे में दिए गए हैं:

  • CNT Act को बनाने वालों में कुछ प्रमुख अंग्रेज अधिकारियों, भारतीय विद्वान तथा मिशनरी के लोग थे जैसे- डॉ. डेविडसन, कैप्टेन डेप्री, कैप्टेन ग्रे, कर्नल इटी, डाल्टन, ग्रिस्टर ओलिफंट, कमिश्नर ग्रिमली, मेजर हर्स्ट, कमिश्नर स्लेक, सेटलमेंट ओफिसर लिस्टर, सिफटन तथा रीड, बाबू राखाल दास, फा. हॉफमेन आदि. 
  • CNT Act बनाने के पूर्व पूरे छोटानागपुर का सर्वे कर
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