I. History of Economic Development in the State Since 1947, Geography of Jharkhand- Jungles, Rivers, Mountains, Mines and Minerals / 1947 से राज्य में आर्थिक विकास का इतिहास, झारखंड भूगोल- जंगल, नदी, पहाड़-पर्वत, खान-खनिज आदि | FREE GS2 Book Notes sample

1. History of Economic Development in the State Since 1947

After independence, the present Jharkhand state was a part of South Bihar. On November 15, 2000, this part was constitutionally known as the State of Jharkhand. This area has been a repository of natural resources since the beginning, due to which this area is considered to be economically prosperous and it is called the backbone of the country. As a result of the partition, about 67 percent of the revenue sources came to Jharkhand. This led to significant increase in the economic development of the state.

We can divide the history of economic development in Jharkhand after independence into two parts:

1.1 Economic Development of Jharkhand from 1947 to 15 November, 2000

1.2 Economic Development of Jharkhand after 15 November, 2000

1.1 Economic development of Jharkhand from 1947 to 15 November, 2000

After independence, five-year plans were made for the proper development of the country. At that time, there was no solid base for a developing country like India. Agriculture was also carried out in the traditional way. There was a severe shortage of………….

1. 1947 से राज्य में आर्थिक विकास का इतिहास  

स्वतंत्रता के उपरांत वर्तमान का झारखण्ड राज्य दक्षिण बिहार का हिस्सा था. 15 नवम्बर, 2000 को संवैधानिक रूप से यह हिस्सा झारखण्ड राज्य के नाम से जाना जाने लगा. यह क्षेत्र प्रारंभ से ही प्राकृतिक संसाधनों का भंडार रहा है जिसके कारण यह क्षेत्र आर्थिक रूप से सम्पन्न माना जाता है एवं इसे देश का रूर कहा जाता है. विभाजन के फलस्वरूप करीब 67 प्रतिशत राजस्व स्रोत झारखण्ड में आ गयी. जिससे राज्य के आर्थिक विकास में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. 

आजादी के बाद झारखण्ड में हुए आर्थिक विकास के इतिहास को हम दो भागों में विभाजित कर सकते हैं,

1.a 1947 से 15 नवम्बर, 2000 तक का झारखण्ड का आर्थिक विकास 

1.b 15 नवम्बर, 2000 के उपरांत अद्यतन झारखण्ड का आर्थिक 

1.a विकास 1947 से 15 नवम्बर, 2000 तक का झारखण्ड का आर्थिक विकास 

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के समुचित विकास हेतु पंचवर्षीय योजनाओं का निर्माण किया गया. भारत जैसे विकासशील देश के पास तब कोई ठोस आधार नहीं था. कृषि भी परम्परागत तरीके से की जाती थी. सिंचाई और सुविधाओं की घोर कमी थी. उन्नत बीज और तकनीक के साथ-साथ