J. Jharkhand Industrial Policies, Rehabilitation and Resettlement Policy and Other Policies / झारखंड की औद्योगिक नीति, विस्थापन, पुनर्वास नीति एवं अन्य नीतियां | FREE GS2 Book Notes sample

1. Jharkhand Industrial Policies

1.1 Jharkhand Industrial Policy-2001

  • Under the Industrial Policy 2001, the Jharkhand government has provided grants, attractive discounts, and financial assistance to entrepreneurs.
  • The government was determined to provide more strength to industrial sectors to increase productivity, employment opportunities, help industries Compete with the international market etc. 
  • The government announced several policy measures related to industries, which can be divided into the following sections –
    • State’s agriculture
    • Mining 
    • Proper utilization of human resources
  • Promoting maximum capital investment to ensure economic development of the state.
  • Identifying thrust zones and thrust areas. 
  • Development of State-of-the-art technology and basic infrastructure to ensure the industrial development of the state.
  • To give priority to balanced regional development of the state.
  • Ensuring private sector participation to provide momentum to the pace of industrialization in the state. 
  • To encourage the export of such material in which Jharkhand is more……………

1. झारखंड की औद्योगिक नीतियाँ 

1.a झारखंड औद्योगिक नीति, 2001

  • झारखंड सरकार ने औद्योगिक नीति, 2001 के तहत् उद्यमियों को आकर्षक छूट, अनुदान एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है.
  • सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों को और अधिक मजबूती प्रदान करना निर्धारित कर लिया था, ताकि उत्पादकता में वृद्धि और रोज़गार के अवसरों में वृद्धि हो, राज्य के उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा प्रदान करना आदि निर्धारित किया गया। 
  • सरकार ने उद्योगों से सम्बन्धित अनेक नीतिगत उपायों की घोषणा की, जिन्हें निम्नलिखित वर्गों में विभाजित किया जा सकता है- 
    • राज्य के कृषि
    • खनन 
    • मानव संसाधनों का सम्यक उपयोग
  • राज्य के आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने हेतु राज्य में अधिकतम पूंजी निवेश को बढ़ावा देना.
  • थ्रस्ट जोन एवं थ्रस्ट एरिया की पहचान करना. 
  • राज्य के औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करने हेतु आधुनिकतम प्रौद्योगिकी तथा मूलभूत अधिसंरचना का विकास.
  • राज्य के संतुलित क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देना.
  • राज्य में औद्योगीकरण की गति की तीव्रता प्रदान करने हेतु निजी क्षेत्र की