D. Jharkhand Folk Literature / Folk Dance / Music / Instrumental / Traditional Art / Tribe based questions / झारखंड का लोक साहित्य / लोक नृत्य /…..आधारित प्रश्न – 2. Traditional Art and Folk Dance / पारंपरिक कला एवं लोक नृत्य | FREE GS2 Book Notes sample

2. Traditional Art and Folk Dance 

Painting and its Major Styles

Painting is a medium to showcase emotions in the tribes of Jharkhand.

The inspiration of the art of tribes is the natural environment around it.

Art and crafts reflect social beliefs, customs, culture etc.

** Jadupatia Style

  • It is the Santhal tribe’s famous folk painting art style that is now extinct.
  • The painter of this style is called Jado in Santhali language.
  • In this style generally painting is done on pato made by folding small clothes and pieces of paper.

** Sohrai Style

  • It is a famous local painting style of the tribes.
  • It is associated with the famous Sohrai festival.
  • In this art wild animals, birds and tree plants are engraved.
  • In Sohrai painting, Pashupati is seen standing on the back of a bull.

 

(ख) पारंपरिक कला एवं लोक नृत्य 

चित्रकला एवं उसकी प्रमुख शैलियां

झारखंड की जनजातियों में चित्रकला की भावना के उद्गार का एक माध्यम है.

जनजातियों की कला का प्रेरणास्रोत उसके आसपास के प्राकृतिक वातावरण है.

कला एवं शिल्प कला की सामाजिक मान्यताओं रीति-रिवाजों संस्कृति आदि को प्रतिबिंबित करती है.

** जादूपटिया शैली 

  • संथाल जनजाति की मशहूर लोक चित्र कला शैली है जो अब लुप्त हो चुकी है.
  • इस शैली के चित्रकार को  संथाली भाषा में  जादो कहा जाता है.
  • इस शैली में समानता………………..

** सोहराय शैली

  • यह जनजातियों की एक प्रसिद्ध स्थानीय चित्रकला शैली है.
  • यह उनके प्रसिद्ध पर्व सोहराय से जुड़ी है.
  • इस कला में जंगली जीव जंतुओं, पक्षियों और पेड़ पौधों को उकेरा जाता है.
  • सोहराय चित्रकला में पशुपति……………..