JPSC Prelims GS1 + GS2 Book Notes (100% Official Syllabus)

A. Jharkhand History / झारखंड का इतिहास- 7. Ethnic Panchayat Governance / जातीय पंचायत शासन व्यवस्था | FREE GS2 Book Notes sample

English –

7. Ethnic Panchayat Governance (2 questions)

All tribal primitive tribes or Sadans have their own ethnic panchayat in their own name. They settle matters of their caste in the ethnic panchayat. Inter-caste matters are decided in the inter-caste

Hindi – 

(छ) जातीय पंचायत शासन व्यवस्था (2 questions) 

सभी आदिवासी आदिम जनजाति या सदानों की अपनी-अपनी जातीय पंचायत अपने-अपने नाम से होती है. वे अपनी जाति के मामलों का निपटारा जातीय पंचायत में करते हैं. अंतरजातीय मामलों का फैसला अंतरजातीय पंचायत में होता है। 

B. Jharkhand Andolan / झारखंड आंदोलन- 1. Sadan of Jharkhand / झारखंड के सदान | FREE GS2 Book Notes sample

English –

1. Sadan of Jharkhand (1 question)

Who are Sadans?

  • Sadans are native non-tribal people of Jharkhand.
  • The word Sadan means ‘people who settled here.’
  • From the point of view of language, Sadan are people whose native language is Khoratha, Nagpuri, Panchpargania or Kurmali. 
  •  In terms of religion, Hindu is a primitive Sadan.
  • Also, irrespective of religion if a person’s official language is Sadri, he is a Sadan.
  • Sadan is generally Aryan in racial terms, while some are Dravidavanshi or Agnayya.

 

Hindi – 

(क) झारखंड के सदान (1 question)

सदान कौन हैं?

  • सदान झारखंड के मूल गैर जनजातीय लोग हैं.
  • सदान शब्द का अर्थ है ‘ऐसे लोग जो यहां बसे हुए थे.’
  • भाषा की दृष्टि से जिसकी मौलिक रूप से भाषा खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया और कुरमाली है, वही सदान है.
  • धर्म की दृष्टि से हिंदू ही प्राचीन सदान है.
  • इसके साथ किसी भी धर्म का हो अगर व्यक्ति की भाषा सादरी है, तो वह सदान है. 
  • प्रजातीय दृष्टि से सदान आर्य है. कुछ  द्रविड़वंशी  या आग्नेय भी हैं.

सदान  और आदिवासी में क्या अंतर है?

सदान  और आदिवासी में मूल अंतर है:

  • आदिवासी कबीलाई होते हैं, वही सदान  समुदाई होते हैं.
  • आदिवासी घुमंतू स्वभाव के होते हैं, जबकि सदान स्थाई निवास स्थान बनाते हैं. 

A. Jharkhand History / झारखंड का इतिहास- 6. Dhoklo Sohor Governance System or Khadia Samaj Traditional Self-government System / ढोकलो सोहोर शासन व्यवस्था या खड़िया समाज पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था | FREE GS2 Book Notes sample

English –

6. Dhoklo Sohor Governance System or Khadia Samaj Traditional Self-government System (1 question)

 Khadia society is also a branch of the Mundas. There are three types of Khadias 

  1. Doodh Khadia
  2. Ulki Khadia
  3. Pahadi Khadia or Shabar Khadia

There are few differences in the names of various designations in the self-government system of

Hindi – 

(च) ढोकलो सोहोर शासन व्यवस्था या खड़िया समाज पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था 

खड़िया समाज भी मुण्डाओं की एक शाखा है. खड़िया तीन प्रकार के हैं: 

  1. दूध खड़िया 
  2. उलकी खड़िया 
  3. पहाड़ी खड़िया या शबर खड़िया 

खड़िया समाजों की स्व-शासन प्रणाली में विभिन्न पदनामों के नाम में कुछ अंतर हैं। खड़िया समाजों की मूल स्वशासन प्रणाली समान है। पहाड़ी खड़िया की 

B. Jharkhand Andolan / झारखंड आंदोलन- 5. Jharkhand Movement & Formation / झारखंड आंदोलन एवं राज्य गठन | FREE GS2 Book Notes sample

5. Jharkhand Movement & Formation (2 questions)

5.1 Jharkhand Movement

Dhal Rebellion (1767-77)

  • *The British entered Jharkhand for the first time from Singhbhum-Manbhum.
  • The Chota Nagpur region came under the British rule in 1772.
  • The first rebellion against the British took place in this region.
  • The rebellion was led by Raja Jagannath Dhal.
  • This revolt lasted for 10 years.
  • Lieutenant Rooke and Charles Magn were sent by the English Company to suppress this rebellion, but they did not succeed.
  • The rebellion calmed down after the British company accepted Jagannath Dhal as king in 1777

 

(ङ) झारखंड आंदोलन एवं राज्य गठन (2 questions)

1. झारखंड आंदोलन

धल विद्रोह (1767-77)

  • ** झारखंड में अंग्रेजों का प्रवेश सर्वप्रथम  सिंहभूम- मानभूम की ओर से हुआ.
  • छोटानागपुर का क्षेत्र ब्रिटिश शासन के अंतर्गत लगभग 1772 मे आया था.
  • अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का प्रथम बिगुल इसी क्षेत्र में बजा.
  • विद्रोह का नेतृत्व राजा जगन्नाथ धाल ने किया.
  • यह विद्रोह 10 वर्षों तक चला.
  • अंग्रेजी के द्वारा इस उद्योग के दमन हेतु लेफ्टिनेंट रुक एवं  चार्ल्स मैगन को भेजा गया किंतु सफलता नहीं मिली.
  • 1777 में अंग्रेजी कंपनी के द्वारा जगन्नाथ धाल को राजा स्वीकार करने के पश्चात विद्रोह शांत हुआ.

A. Jharkhand History / झारखंड का इतिहास- 4. Manjhi Pargana Governance System or Traditional Self-government System Of The Santhals / मांझी परगना शासन व्यवस्था या संथालों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था | FREE GS2 Book Notes sample

English –

4. Manjhi Pargana Governance System or Traditional Self-government System Of The Santhals (1 question) [Highlighted in syllabus above]

‘Santhal’ is one of the major tribals of Jharkhand. Although they are in different parts of Jharkhand, the residence of majority Santhals is Santhal Pargana. According to the latest census, their total population is about 24 lakhs, which is the largest number among the tribals of Jharkhand. The traditional self-government system of Santhals is quite ancient. Every village has administrative and religious heads to run its social life safely and organizationally.

4.1 Administrative and Religious Heads

** Manjhi: Manjhi is the head of the village. He addresses both the internal and  external affairs of the village. Manjhi is the administrative and . . . . . . . . .  .

Hindi – 

(घ) मांझी परगना शासन व्यवस्था या संथालों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था (1 question)

‘संथाल’ झारखण्ड के प्रमुख आदिवासियों में से एक है. वैसे तो ये झारखण्ड के विभिन्न भाग में हैं लेकिन बहुसंख्य संथालों का निवास स्थान संथाल परगना है. नवीनतम जनगणना के अनुसार इनकी कुल जनसंख्या लगभग 24 लाख है, जो झारखण्ड के आदिवासियों में सबसे बड़ी संख्या है. 

संथालों की पारम्परिक स्वशासन व्यवस्था काफी प्राचीन है. अपने सामाजिक जीवन को सुरक्षित तथा सांगठनिक रूप से चलाने के लिए प्रत्येक गांव में प्रशासकीय एवं 

A. Jharkhand History / झारखंड का इतिहास- 3. Parha Panchayat Government System or Traditional Self Government System of Oraons / पडहा पंचायत शासन व्यवस्था या उरांवों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था | FREE GS2 Book Notes sample

English –

3. Parha Panchayat Government System or Traditional Self Government System of Oraons (1 question) [Highlighted in syllabus above] 

Oraons are the most popular tribes in Jharkhand after the Mundas. They came to Jharkhand and, like the Mundas, cleaned the forest and readied the land for farming and residential purposes. The village settled by them is called . . . . 

Hindi – 

(ग) पडहा पंचायत शासन व्यवस्था या उरांवों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था (1 question)

झारखंड में मुण्डाओं के बाद आने वालों में एक नाम उरांवों का आता है. ये झारखण्ड में आए और मुण्डाओं की तरह जंगल साफकर गांव तथा खेती के लिए जमीन बनाए। इनके द्वारा बसाए गांव भुंइहर गांव तथा जमीन को . . . . 

B. Jharkhand Andolan / झारखंड आंदोलन- 3. National Movement and Freedom Fighter of Jharkhand / राष्ट्रीय आंदोलन एवं झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी | FREE GS2 Book Notes sample

3. National Movement and Freedom Fighter of Jharkhand (1 question)

3.1 Revolt of 1857 and Jharkhand

The Revolt of 1857 in Jharkhand began on 12 June with a rebellion of soldiers in Rohini village of Deoghar district.

In this village, there was a 32m regiment of the army led by Major Macdonald. Whose three soldiers revolted and killed Lieutenant Norman Leslie.

The main centers of the revolt of 1857 were. . . . .

1. 1857 का विद्रोह और झारखंड

झारखंड में 1857 का विद्रोह 12 जून को देवघर जिले के रोहिणी गांव में सैनिकों के  विद्रोह के साथ प्रारंभ हुआ था. इस गांव में मेजर मैकडोनाल्ड के नेतृत्व में थल सेना की 32 मी रेजिमेंट थी. जिसके तीन सैनिकों विद्रोह कर लेफ्टिनेंट नॉर्मन लेस्ली की हत्या कर दी. 1857 के विद्रोह का मुख्य केंद्र हज़ारीबाग़, रांची, चुटुपालू की घाटी, चतरा, पलामू. . . . . 

B. Jharkhand Andolan / झारखंड आंदोलन- 2. Tribals of Jharkhand / झारखंड के आदिवासी | FREE GS2 Book Notes sample

English –

2. Tribals of Jharkhand (1 question)

  • Many tribes of Jharkhand are mentioned in Hindu mythological texts.
  • The tribes of Jharkhand are also called Adivasi, Aadim Jaati, Vanvasi, Girijan.
  • The word tribal means people living in the primitive period (आदि काल).
  • *All the tribes of Jharkhand are placed in the Proto-Australoid class.
  • According to the 2011 census, the total population of the state’s tribes is. . . . . .

Hindi – 

(ख) झारखंड के आदिवासी (1 question)

  • झारखंड की अनेक जनजातियों का उल्लेख हिंदू पौराणिक  ग्रंथों में मिलता है. 
  • झारखंड की जनजातियों को आदिवासी ,आदिम जाति ,वनवासी ,गिरिजन जैसे नामों से पुकारा जाता है.
  • आदिवासी शब्द का अर्थ आदि काल में रहने वाले लोग.
  • ** झारखंड की सभी जनजातियों को  प्रोटो आस्ट्रेलायड्रस वर्ग में रखा गया है.
  • 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की जनजाति. . . . . . 

A. Jharkhand History / झारखंड का इतिहास- 2. Nagvanshi Government System / नागवंशी शासन व्यवस्था | FREE GS2 Book Notes sample

English –

2. Nagvanshi Government System (1 question) [Highlighted in syllabus above] 

Story: In 64 AD during the reign of Maharaja Madara Munda of Sutiyambe, a child was found under the fangs of a cobra. He was brought up by Madara Munda (मदरा मुण्डा) and her queen along with their elder son Mani Mukut. The boy was named Phani Mukut as he was found under the fangs of a 

Hindi – 

(ख) नागवंशी शासन व्यवस्था (1 question)

कहानी: सुतियाम्बे के महाराजा मदरा मुण्डा के शासन काल 64 ई. में एक तालाब के किनारे नागफण के नीचे एक बालक मिला. 

इसका लालन- पालन मदरा मुण्डा तथा उसकी रानी ने अपने बड़े-बेटे मणि मुकुट के साथ किया. उस बालक का नाम फणि मुकुट रखा गया क्योंकि वह नागफण के नीचे प्राप्त हुआ था. दोनों पुत्रों का पालन-पोषण समान रूप से हुआ. उनके युवा होने पर महाराजा मदरा मुण्डा ने अपने

A. Jharkhand History / झारखंड का इतिहास- 1. Munda Governance / मुण्डा शासन व्यवस्था | FREE GS2 Book Notes sample

English –

1. Munda Governance

  • The Munda caste is one of the oldest among the settlers in Jharkhand.
  • Risa Munda came to Jharkhand with 21 thousand Mundas in search of “Sona lekan disum” i.e. golden country.
  • ** Looking at the prominence of the serpents, this region was called Nag 

Hindi – 

(क) मुण्डा शासन व्यवस्था (1 question)

  • झारखण्ड में आ बसने वालों में सबसे पुरानी जाति में एक है, मुण्डा  जाति. 
  • “सोना लेकन दिसुम” अर्थात सुनहरे देश की खोज में रिसा मुण्डा 21 हजार मुण्डाओं के साथ झारखण्ड आया था. 
  • ** इस क्षेत्र को नागों की प्रमुखता को देखते हुए नाग दिसुम अर्थात् नाग देश कहा गया. 
  • यहां मुण्डाओं ने जंगलों को साफ कर खूटकट्टी गांव बसाएं.
Shopping Cart