UPSC PowerPack Notes 2026 [Hindi]
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About Course
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Course Content
GS1
All topics given below
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Exactly as per official UPSC syllabus
1. भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
कला रूपों को मोटे तौर पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है – (1) दृश्य कला (2) प्रदर्शन कला (3) साहित्यिक कला।
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A. दृश्य कला
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A.1. प्राचीन से आधुनिक काल तक की भारतीय चित्रकारी
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i. प्रागैतिहासिक चित्रकारी
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ii. भित्ति चित्र एवं गुफा चित्रकारी
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iii. मध्यकालीन भारतीय चित्रकला
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iv. भारत की लोक चित्रकलाओं की सूची
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v. आधुनिक एवं समकालीन कला
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vi. लोक एवं जनजातीय कला
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A.2. मिट्टी के बर्तनों
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i. प्रारंभिक मिट्टी के बर्तनों की परंपराएँ | Early Pottery Traditions
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ii. प्राचीन भारत में मिट्टी के बर्तनों का विकास | Evolution of Pottery in Ancient India
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iii. मध्यकालीन मिट्टी के बर्तनों की परंपराएँ | Medieval Pottery Traditions in hindi
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iv. भारतीय मिट्टी के बर्तनों के प्रकार | Types of Indian Pottery in Hindi
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v. भारत में प्रसिद्ध मिट्टी के बर्तन शैलियाँ और केंद्र | Famous Pottery Styles and Centers in India in Hindi
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vi. भारत में मिट्टी के बर्तन बनाने की तकनीक | Techniques of Pottery Making in India in Hindi
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vii. भारतीय समाज में मिट्टी के बर्तनों का महत्व और भूमिका | Significance and Role of Pottery in Indian Society in Hindi
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viii. भारत में मिट्टी के बर्तन उद्योग के सामने चुनौतियाँ | Challenges Faced by the Pottery Industry in India in Hindi
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ix. भारत में मिट्टी के बर्तनों का वर्तमान रुझान और भविष्य | Current Trends and Future of Pottery in India in Hindi
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A.3. वास्तुकला
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i. भारतीय वास्तुकला का विकास
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ii. सिंधु घाटी वास्तुकला
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iii. रॉक कट वास्तुकला
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iv. मंदिर वास्तुकला
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v. इंडो-इस्लामिक वास्तुकला
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vi. वास्तुकला के प्रकार
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vii. आधुनिक वास्तुकला
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viii. वास्तुकला का महत्व
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ix. वास्तुकला के नवीनतम विकास
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A.4. मूर्ति
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i. भारतीय मूर्तिकला की विशेषताएँ
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ii. सिंधु घाटी सभ्यता की मूर्तिकला
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iii. मौर्य साम्राज्य की मूर्तियाँ
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iv. मौर्योत्तर साम्राज्य की मूर्तियाँ
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v. मध्यकालीन भारत की मूर्तियाँ
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vi. आधुनिक भारतीय मूर्तियाँ
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B. कला प्रदर्शन
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i. भारत के शास्त्रीय नृत्य (विस्तृत रूप में)
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ii. भारत के लोक नृत्य
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B.2. संगीत
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i. भारत का संगीत
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ii. भारत का शास्त्रीय संगीत
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iii. भारतीय लोक संगीत
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B.3. कठपुतली कला
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i. भारतीय कठपुतली कला की उत्पत्ति
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ii. भारतीय कठपुतली का वर्गीकरण
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iii. स्ट्रिंग कठपुतली
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iv. छाया कठपुतली
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v. छड़ी कठपुतली
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vi. दस्ताना कठपुतली
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B.4. थिएटर
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B.5. भारतीय रंगमंच के स्वरूप
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i. शास्त्रीय संस्कृत रंगमंच
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ii. प्राचीन काल के प्रमुख संस्कृत नाटक
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iii. लोक रंगमंच
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iv. निष्कर्ष
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B.6. भारत की मार्शल आर्ट
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i. मार्शल आर्ट | Martial Arts in Hindi
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ii. भारतीय मार्शल आर्ट: एक अवलोकन
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iii. मार्शल आर्ट का अभ्यास करने के लाभ
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iv. अन्य लोकप्रिय मार्शल आर्ट
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B.7. साहित्यिक कला
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i. साहित्य
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ii. प्राचीन भारतीय साहित्य
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iii. मध्यकालीन साहित्य के बारे में सब कुछ
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C. निष्कर्ष: कला रूपों, साहित्य और वास्तुकला के प्रमुख पहलू
2. अठारहवीं शताब्दी के मध्य से लेकर वर्तमान तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, मुद्दे।
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A. स्रोत और दृष्टिकोण
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A.1. संवैधानिक, प्रशासनिक और न्यायिक विकास का सारांश
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i. परिचय
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ii. 1773 और 1858 के बीच संवैधानिक विकास
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iii. स्वतंत्रता के बाद 1858 तक विकास
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iv. भारत में सिविल सेवाओं का विकास
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v. मोंट-फोर्ड सुधार (1919)
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vi. मूल्यांकन
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vii. प्रशासन: केंद्रीय, प्रांतीय, स्थानीय
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A.2. स्पेक्ट्रम: आधुनिक भारत के इतिहास के प्रमुख दृष्टिकोण का सारांश
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i. परिचय
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ii. आधुनिक इतिहास का वर्गीकरण
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A.3. आधुनिक भारत के इतिहास के लिए स्रोतों का सारांश
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i. परिचय
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ii. अभिलेखीय सामग्री
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A.4. शैक्षिक नीति और आधुनिक शिक्षा का विकास
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B. यूरोपियों का आगमन और भारत में ब्रिटिश सत्ता का एकीकरण
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B.1. भारत में यूरोपीय लोगों के आगमन का सारांश
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i. पुर्तगालियों का भारत में आगमन
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ii. ट्रेडिंग से रूलिंग तक
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iii. भारत में पुर्तगाली प्रशासन
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iv. डच -1596
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v. अंग्रेजी -1599
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vi. फ्रेंच -1667
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B.2. ब्रिटिश विजय की पूर्व संध्या पर भारत
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i. मुगलों के सामने चुनौतियां
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ii. औरंगजेब के बाद कमजोर शासक—एक आंतरिक चुनौती
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iii. प्रमुख कारक जिन्होंने पतन में योगदान दिया
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iv. क्षेत्रीय राज्यों का सर्वेक्षण
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B.3. भारत में ब्रिटिश शक्ति का विस्तार और समेकन- 1
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i. परिचय
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ii. भारत में ब्रिटिश सफलता के कारण
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iii. बंगाल की ब्रिटिश विजय
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iv. कंपनी के लिए मैसूर का प्रतिरोध
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B.4. भारत में ब्रिटिश शक्ति का विस्तार और समेकन- 2
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i. आंग्ल-मराठा वर्चस्व के लिए संघर्ष
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C. कंपनी नियम के खिलाफ बढ़ती नाराजगी
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C.1. 1857 का विद्रोह
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i. परिचय
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ii. 1857 का विद्रोह – प्रमुख कारण
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iii. विद्रोह की शुरुआत और प्रसार
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iv. विद्रोह का दमन
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v. विद्रोह क्यों विफल हुआ?
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vi. हिंदू-मुस्लिम एकता कारक
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vii. विद्रोह की प्रकृति
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viii. परिणाम
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ix. विद्रोह का महत्व
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D. सुधार आंदोलन
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D.1. सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों का सारांश: सामान्य विशेषता
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i. सुधार के लिए इच्छा को बढ़ाने वाले कारक
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ii. सुधार के सामाजिक और वैचारिक मामले
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iii. महिलाओं की स्थिति के लिए कदम उठाए गए थे
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iv. जाति-आधारित शोषण के खिलाफ संघर्ष
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D.2. सामाजिक सांस्कृतिक सुधार आंदोलनों के सामान्य सर्वेक्षण
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i. सामाजिक-सांस्कृतिक सुधार आंदोलन और उनके नेता
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ii. सुधार आंदोलनों का महत्व
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E. संघर्ष शुरू होता है
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E.1. आईएनसी की नींव और उदारवादी चरण
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i. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फाउंडेशन
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íi. नरमपंथियों का युग (1885-1905)
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iii. मध्यम राष्ट्रवादियों का योगदान
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E.2. भारत में आधुनिक राष्ट्रवाद की शुरुआत का सारांश
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i. आधुनिक राष्ट्रवाद के विकास में कारक
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ii. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से पहले राजनीतिक संघ
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iii. पूर्व-कांग्रेस अभियान
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F. राष्ट्रीय आंदोलन
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F.1. उग्रवादी राष्ट्रवाद के युग का सारांश (1905-1909)
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i. उग्रवादी राष्ट्रवाद का बढ़ना
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ii. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन
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F.2. क्रांतिकारी गतिविधियों के पहले चरण का सारांश (1907-1917)
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F.3. प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया
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i. होम रूल लीग आंदोलन
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ii. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन (1916)
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iii. मोंटागु का अगस्त 1917 का वक्तव्य
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G. बड़े पैमाने पर राष्ट्रवाद की शुरुआत
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G.1. असहयोग आंदोलन और खिलाफत अनंदोलन का सारांश
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i. परिचय
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ii. पृष्ठभूमि
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iii. खिलाफत जारी
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iv. असहयोग खिलाफत आंदोलन
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G.2. साइमन कमीशन और द नेहरू रिपोर्ट का सारांश
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G.3. गांधी के उद्भव का सारांश
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i. क्यों राष्ट्रवादी पुनरुत्थान अब
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ii. मोंटागु-चेम्सफोर्ड सुधार और भारत सरकार अधिनियम, 1919
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iii. गांधी का निर्माण
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iv. भारत में गांधी
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v. रौलट एक्ट, सत्याग्रह, जलियांवाला बाग हत्याकांड
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G.4. स्वराजवादियों के उद्भव का सारांश, समाजवादी विचार, क्रांतिकारी गतिविधियाँ और नए बल
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i. स्वराजवादी और नो-चेंजर्स
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ii. नए बलों का उद्भव: समाजवादी विचार, युवा शक्ति, व्यापार संघवाद
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iii. 1920 के दशक के दौरान क्रांतिकारी गतिविधि
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G.5. प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया का सारांश
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G.6. सविनय अवज्ञा आंदोलन और गोलमेज सम्मेलनों का सारांश
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i. सविनय अवज्ञा आंदोलन का तेजी से बढ़ना
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ii. सविनय अवज्ञा आंदोलन नमक सत्याग्रह और अन्य उपनगर गांधी की ग्यारह मांगें
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iii. संगठन के रूप
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iv. गांधी-इरविन पैक्ट
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v. गोल मेज सम्मेलन
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vi. परिणाम
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vii. सविनय अवज्ञा फिर से शुरू
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viii. संयुक्त निर्वाचक मंडल और अवसादग्रस्त वर्गों पर इसका प्रभाव
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G.7. प्रांतों में कांग्रेस के नियमों का सारांश
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i. गांधी की सलाह
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ii. मनोवृत्ति की ओर श्रम
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G.8. सिविल अवज्ञा के बाद भविष्य की रणनीति पर वाद-विवाद आंदोलन का सारांश
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i. पहला चरण बहस
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ii. भारत सरकार अधिनियम, 1935
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iii. राष्ट्रवादियों की प्रतिक्रिया
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H. स्वतंत्रता और विभाजन की ओर
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H.1. युद्धोत्तर राष्ट्रीय परिदृश्य का सारांश
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i. परिचय
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ii. कांग्रेस चुनाव अभियान और आईएनए परीक्षण
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iii. 1945-46 की सर्दियों के तीन उभार
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iv. तीन चरण पैटर्न
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v. चुनाव परिणाम
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vi. कैबिनेट मिशन
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vii. मुख्य आपत्तियाँ
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viii. भारतीय सांप्रदायिकता की विशेषता
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H.2. विभाजन के साथ स्वतंत्रता का सारांश
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i. एटली का बयान 20 फरवरी, 1947
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ii. विभाजन की अनिवार्यता
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H.3. द्वितीय विश्व युद्ध के मद्देनजर राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया का सारांश
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i. द्वितीय विश्व युद्ध और राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया
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ii. क्रिप्स मिशन असफल क्यों हुआ
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H.4. भारत छोड़ो आंदोलन का सारांश, पाकिस्तान और आईएनए की मांग
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i. भारत छोड़ो आंदोलन
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ii. विभिन्न वर्गों को गांधी के सामान्य निर्देश
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iii. सरकारी दमन
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iv. गांधी उपवास
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I. भारत ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन: शासन और अन्य पहलू
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I.1. संवैधानिक, प्रशासनिक और न्यायिक विकास का सारांश
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i. 1773 और 1858 के बीच संवैधानिक विकास
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iii. आजादी के बाद 1858 तक विकास
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I.2. भारत में ब्रिटिश नीतियों के सर्वेक्षण का सारांश
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i. प्रशासनिक नीतियां
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ii. भारत में ब्रिटिश सामाजिक और सांस्कृतिक नीति
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iii. ब्रिटिश रिट्रीट
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I.3. श्रमिक वर्ग के आंदोलन का सारांश
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I.4. राष्ट्रवादी विदेश नीति के विकास का सारांश
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i. 1880 से फर्स्ट वर्ल्ड वार
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I.5. भारतीय राज्यों का सारांश
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I.6. भारत के लिए संविधान बनाने का सारांश
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I.7. प्रथम आम चुनाव का सारांश
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i. परिचय
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ii. चुनाव के लिए ग्राउंडवर्क
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iii. स्वतंत्र भारत पहली बार मतदान करने गया
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iv. परिणाम
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I.8. नेहरू के नेतृत्व में विकास का सारांश (1947-64)
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i. परिचय
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ii. राजनीतिक विकास
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iii. सामाजिक विकास
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iv. पड़ोसी के साथ संबंध
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I.9. किसान आंदोलनों का सारांश 1857-1947
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i. किसान आंदोलन 1857-1947
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ii. प्रारंभिक किसान आंदोलनों का सर्वेक्षण
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iii. दक्कन के दंगे
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iv. बाद के आंदोलन
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v. युद्ध के बाद का चरण
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I.10. शिक्षा के विकास का सारांश
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i. कंपनी नियम के तहत
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ii. 1813 के चार्टर अधिनियम द्वारा विनम्र शुरुआत
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iii. घटनाक्रम
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iv. सैडलर विश्वविद्यालय आयोग (1917-19)
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v. द्वैध शासन के तहत शिक्षा
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vi. तकनीकी शिक्षा का विकास
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I.11. ब्रिटिश नियम के आर्थिक प्रभाव का सारांश
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i. विऔद्योगीकरण- कारीगरों और हस्तशिल्पियों की बर्बादी
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ii. राष्ट्रीय अशांति के लिए आर्थिक मुद्दा एक उत्तेजक
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I.12. भारतीय प्रेस के विकास का सारांश
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i. परिचय
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ii. वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (VPA)
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I.13. न्यू बोर्न राष्ट्र से पहले चुनौतियों का सारांश
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i. स्वतंत्र भारत का पहला दिन
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ii. आजादी के बाद पहला मंत्रिमंडल
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iii. हालांकि, स्वतंत्र भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
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iv. रेडक्लिफ की सीमा पुरस्कार और सांप्रदायिक दंगे
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v. संसाधनों के विभाजन से जुड़ी चुनौतियाँ
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vi. कम्युनिस्ट स्वतंत्रता के बारे में संदेह क्यों कर रहे थे?
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vii. विरोधी रणनीति से संवैधानिक लोकतंत्र में बदलाव
3. स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
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अवलोकन
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A. भारत के स्वतंत्रता सेनानी IN Hindi
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A.1. भारत के स्वतंत्रता सेनानी
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A.2. भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम
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A.3. स्वतंत्रता सेनानी एवं उनके योगदानों की सूची
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A.4. भारत के शीर्ष 10 स्वतंत्रता सेनानी
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A.5. भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी
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A.6. भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की महत्वपूर्ण कथन व नारे
4. स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।
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A. देशी रियासतों का एकीकरण
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A.1. रियासतों का एकीकरण की एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | A historical background of the integration of princely states
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A.2. भारत में देशी रियासतों का एकीकरण कैसे हुआ? | How was the integration of princely states in India?
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A.3. रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका | Role of Sardar Patel in the integration of princely states
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A.4. रियासतों की सूची और उनका एकीकरण | List of the Princely States and their Integration
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A.5. रियासतों के एकीकरण के कारण | Due to the integration of the princely states
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A.6. रियासतों का चार-चरणीय एकीकरण | Four-stage integration of princely states
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A.7. देशी रियासतों का एकीकरण: मुद्दे व चिंताएं | Issues & concerns after the integration of the princely states
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A.8. निष्कर्ष | Conclusion
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B. राज्यों का पुनर्गठन
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B.1. राज्यों का पुनर्गठन: प्रशासनिक इकाइयाँ
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B.2. भारत में राज्यों का पुनर्गठन का विकास
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B.3. जम्मू–कश्मीर और लद्दाख का केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठन
5. विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।
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A. विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति
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A.1. औद्योगिक क्रांति की पृष्ठभूमि
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A.2. इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति के कारण
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A.3. औद्योगिक क्रांति के क्षेत्र
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A.4. यांत्रिक आविष्कार
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A.5. औद्योगिक क्रांति की प्रगति और प्रसार
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A.6. औद्योगिक क्रांति के प्रभाव
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B. विश्व युद्ध
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B.1. प्रथम विश्व युद्ध
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i. परिचय
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ii. युद्ध के कारण
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iii. युद्ध के चरण
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iv. युद्ध के लिये उत्तरदायी कौन था?
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v. युद्ध के परिणाम
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vi. WW I और भारत
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B.2. द्वितीय विश्व युद्ध
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i. परिचय
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ii. युद्ध के कारण
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iii. द्वितीय विश्व युद्ध की प्रमुख घटनाएँ
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iv. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद
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B.3. द्वितीय विश्व युद्ध और भारत
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i. द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में मुख्य बिंदु क्या हैं?
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ii. द्वितीय विश्व युद्ध के परिणाम?
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iii. द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की भूमिका क्या थी?
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iv. भारतीयों ने द्वितीय विश्व युद्ध को किस प्रकार देखा?
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v. द्वितीय विश्व युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
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C. राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन
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C.1. राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः निर्धारण
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C.2. वियना कांग्रेस (1814-15)
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C.3. प्रथम विश्व युद्ध से पहले की प्रमुख घटनाएँ
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C.4. 1914 में यूरोप
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C.5. द्वितीय विश्व युद्ध और राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन
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C.6. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की प्रमुख घटनाएँ
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C.7. नये राष्ट्रों का उदय
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i. एशिया
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ii. मध्य पूर्व
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iii. इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष
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iv. अफ्रीका
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v. अफ्रीका का विउपनिवेशीकरण
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C.8. अन्य महत्वपूर्ण घटनाएँ
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D. उपनिवेशवाद
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E. उपनिवेशवाद की समाप्ति
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E.1. विऔपनिवेशीकरण के कारण और परिणाम
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i. परिचय
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ii. विऔपनिवेशीकरण की समयसीमा | Decolonisation Timeline
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iii. निष्कर्ष | Conclusion
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E.2. मध्य पूर्व का विऔपनिवेशीकरण (1932-1971)
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i. मध्य पूर्व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि1932-1971
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ii. मध्य पूर्व के विउपनिवेशीकरण की समयरेखा
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iii. मध्य पूर्व में विउपनिवेशीकरण के प्रभाव
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iv. मध्य पूर्व साम्राज्य का अंत
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F. राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव
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F.1. पूंजीवाद, समाजवाद और साम्यवाद में अंतर | Difference between Capitalism, Socialism, and Communism
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F.2. राजनीतिक दर्शन: साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि।
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i. राजनीतिक दर्शन: पूंजीवाद
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ii. राजनीतिक दर्शन: समाजवाद
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iii. राजनीतिक दर्शन: साम्यवाद
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iv. निष्कर्ष
6. भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।
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A. भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ
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A.1. भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ
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i. जाति प्रथा (Caste System)
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ii. धार्मिक विविधता (Religious Diversity)
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iii. भाषिक विभिन्नता (Linguistic Diversity)
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iv. जातीय और नस्लीय विविधता (Ethnic and Racial Diversity)
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v. रूढ़िवादिता/अंधविश्वास (Orthodoxy/Superstition)
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vi. संक्रमणकालीन समाज (Transitional Society)
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vii. परिवार और रिश्तेदारी (Family and Kinship)
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viii. आदिवासी समाज (Tribal Society)
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ix. कला और संस्कृति (Art and Culture)
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x. विविधता की एक इकाई के रूप में भूगोल (Geography as a Unit of Diversity)
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xi. दार्शनिक/वैचारिक विविधता (Philosophical/Ideological Diversity)
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xii. सहनशीलता, प्रेम और करुणा (Tolerance, Love and Compassion)
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xiii. परस्पर निर्भरता (Interdependence)
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xiv. अनेकता में एकता (Unity in Diversity)
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xv. भारतीय समाज में अध्यात्मवाद और भौतिकवाद के बीच संतुलन
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xvi. भारतीय समाज में व्यक्तिवाद और सामूहिकता के बीच संतुलन
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xvii. भारतीय समाज में परम्परावाद एवं आधुनिकता का सह-अस्तित्व
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xviii. निष्कर्ष
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B. भारत की विविधता
7. महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।
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A. महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन
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A.1. भारत में महिलाओं की भूमिका
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A.2. भारत में महिला संगठन
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B. जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे
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B.1. जनसांख्यिकी
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i. जनसंख्या वृद्धि का माल्थुसियन सिद्धांत
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ii. जनसांख्यिकीय संक्रमण का सिद्धांत
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B.2. भारत: जनसंख्या और गतिशीलता
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i. आकार, वृद्धि, संरचना और वितरण
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ii. जनसंख्या वृद्धि के घटक
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iii. भारत में प्रवास की प्रवृत्तियाँ
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iv. जनसंख्या नीति
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v. परिवार नियोजन
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vi. उभरते मुद्दे
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vii. अधिक जनसंख्या के कारण
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viii. अधिक जनसंख्या के प्रभाव
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ix. जनसांख्यिकी: लाभ या आपदा
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x. जनसंख्या और गरीबी
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xi. जनसंख्या नियंत्रण
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xii. भारत में जनसंख्या नीति
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xiii. निष्कर्ष
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C. गरीबी और विकासात्मक विषय
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C.1. भारत में गरीबी: एक ऐतिहासिक विवरण (Poverty in India: A Historical Account)
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C.2. गरीबी के कारण (Causes of Poverty)
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C.3. गरीबी मापन (Poverty Measurement)
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C.4. बहुआयामी गरीबी (Multidimensional Poverty)
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C.5. गरीबी और उससे जुड़े मुद्दे
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C.6. भारत के विकास पर प्रभाव (Impact on Development of India)
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C.7. वृद्धि और विकास (Growth and Development)
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C.8. वैश्वीकरण और गरीबी: एक गंभीर परिप्रेक्ष्य (Globalisation and Poverty: A Critical Perspective)
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C.9. गरीबी की राजनीति: निर्धनतावाद (Politics of Poverty: Povertarianism)
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C.10. गरीबी उन्मूलन हेतु सरकारी प्रयास
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C.11. सरकारी प्रयास: एक आलोचनात्मक विश्लेषण
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C.12. गरीबी उन्मूलन
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C.13. गरीबी उन्मूलन का वैकल्पिक मॉडल (Alternative Model of Poverty Alleviation)
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C.14. निष्कर्ष
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D. शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय
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D.1. शहरीकरण
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D.2. समस्याएँ और उनके रक्षोपाय
8. भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।
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A. भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।
9. सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
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A. सामाजिक सशक्तिकरण (Social Empowerment)
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A.1. सामाजिक भेदभाव और बहिष्कार (Social Discrimination and Exclusion)
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A.2. भारत में सामाजिक बहिष्कार
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A.3. बहिष्कार का विरोधाभास (The Paradox of exclusion)
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A.4. विकासात्मक साइलो की विकृति (The pathologies of developmental silos)
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A.5. अधिकारिता (Empowerment)
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B. संप्रदायवाद
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B.1. सांप्रदायिकता की अवधारणा
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B.2. निष्कर्ष
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C. क्षेत्रवाद
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C.1. क्षेत्रवाद की अवधारणा
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C.2. निष्कर्ष
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D. धर्मनिरपेक्षता
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D.1. धर्मनिरपेक्षता का अर्थ
-
D.2. निष्कर्ष
GS1: Geography (Topic – 10, 11, 12)
1. भाग 1: भूगोल
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J. वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसमी प्रणालियाँ
-
J.1. वायुमंडलीय दाब
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J.2. पवनें
-
J.3. पवनों के प्रकार
-
J.4. वायु दाब का क्षैतिज वितरण
-
L. विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन
-
P. जैव विविधता एवं संरक्षण
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P.1. विभिन्न महाद्वीपों में स्थित पारिस्थितिक हॉट स्पॉट ( ecological hotspots in the world )
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I. सौर विकिरण ऊष्मा संतुलन एवं तापमान
2. भाग 2: भारत – भौतिक पर्यावरण
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G. प्राकृतिक संकट तथा आपदाएँ
3. भाग 3: मानव भूगोल के मूल सिद्धान्त
-
A. मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र
-
A.1. भूगोल ( Geography )
-
A.2. मानव भूगोल
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B. विश्व जनसंख्या वितरण घनत्व और वृद्धि
-
B.1. परिचय
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B.2. जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक
-
B.3. जनसंख्या परिवर्तन के तीन प्रमुख घटक
-
B.4. प्रवास
-
B.5. जनसंख्या परिवर्तन: वृद्धि, समस्याएं और समाधान
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C. जनसंख्या संघटन
-
D. मानव विकास
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H. परिवहन एवं संचार
-
H.1. परिवहन
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i. देशों और उनके सड़क घनत्व
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H.2. संचार
4. भाग : 4 – भारत : लोग एवं अर्थव्यवस्था
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A. जनसंख्या वितरण घनत्व वृद्धि और संघटन
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A.1. जनसंख्या वितरण
-
A.2. जनसंख्या घनत्व
-
A.3. जनसंख्या वृद्धि
-
A.4. जनसंख्या संघटन
-
A.5. जनसंख्या वितरण घनत्व वृद्धि और संघटन : अन्य महत्वपूर्ण विषय
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C. मानव विकास
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B. प्रवास प्रकार, कारण और परिणाम
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B.1. प्रवास: प्रकार और कारण
-
B.2. प्रवास के परिणाम
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D. मानव बस्ती
-
D.1. परिचय
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D.2. ग्रामीण बस्तियाँ
-
D.3. नगरीय बस्ती
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J. परिवहन तथा संचार
-
J.1. परिवहन
-
J.2. संचार
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K. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
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K.1. व्यापार
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K.2. महत्वपूर्ण पत्तन
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L. भौगोलिक परिपेक्ष्य में चयनित कुछ मुद्दे एवं समस्याएँ
GS2
All topics given below
2. संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित मुद्दे एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।
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A. संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व
-
A.1 संघ के कार्य तथा उत्तरदायित्व
-
A.2. राज्य के कार्य तथा उत्तरदायित्व
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B. संघीय ढाँचे से संबंधित मुद्दे एवं चुनौतियाँ
-
B.1. संघवाद क्या है?
-
B.2. भारत की संघीय संरचना | Federal Structure of India
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B.3. संघीय ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए संविधान में प्रावधान
-
B.4. संघीय ढांचे से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ
-
B.5. भारत में संघवाद से संबंधित समसामयिक मुद्दे | Current Issues Related to Federalism in India
-
B.6. आगे बढ़ने का रास्ता | Way Forward
-
C. स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ
-
C.1. स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण
-
C.2. शक्तियों का हस्तांतरण
-
C.3. 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.4. 74वां संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.5. चुनौतियां
-
C.6. वित्त आयोग (शक्ति का हस्तांतरण)
-
C.7. पैरास्टेटल्स (स्वायत्त/अर्ध-स्वायत्त संस्थाएं)
-
C.8. शहरी स्थानीय वित्त
-
C.9. पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996
-
C.10. शहरी स्थानीय सरकार
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C.11. ग्रामीण स्थानीय वित्त
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C.12. कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान
3. विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।
-
A. विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण
-
A.1. शक्तियों के पृथक्करण का अर्थ
-
A.2. संवैधानिक प्रावधान
-
A.3. सत्ता के पृथक्करण की आवश्यकता
-
A.4. सरकार के अंगों के बीच कार्यात्मक ओवरलैप
-
i. विधानमंडल की अतिव्यापी शक्तियां
-
ii. कार्यपालिका की अतिव्यापी शक्तियाँ
-
iii. न्यायपालिका की अतिव्यापी शक्तियाँ
-
iv. कार्यपालिका की अतिव्यापी शक्तियाँ
-
v. न्यायपालिका की अतिव्यापी शक्तियाँ
-
A.5. कार्यात्मक ओवरलैपिंग से संबंधित समस्याएं
-
A.6. नियंत्रण और संतुलन
-
A.7. शक्तियों के पृथक्करण पर न्यायिक घोषणाएँ
-
A.8. संयुक्त राज्य अमेरिका में शक्तियों के पृथक्करण की तुलना
-
A.9. निष्कर्ष
-
B. विवाद निवारण तंत्र
-
B.1. विवाद निवारण- भारतीय परिदृश्य
-
B.2. विवाद निवारण तंत्र
-
i. प्रशासनिक न्यायाधिकरण
-
ii. राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण
-
iii. अंतर-राज्यीय जल विवादों के लिए एकल न्यायाधिकरण
-
iv. राष्ट्रीय हरित अधिकरण
-
v. ग्राम न्यायालय
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vi. लोक अदालत
-
vii. मध्यस्थता और सुलह
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B.3. विवाद निवारण के लिए संस्थागत तंत्र
5. संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।
-
A. संसद और राज्य विधानमंडल: संविधान क्या प्रावधान करता है?
-
B संसद और राज्य विधानमंडल: संरचना
-
C. संसद और राज्य विधानमंडल: कार्यप्रणाली
-
D. व्यापार करना
-
E. संसद और राज्य विधानमंडल: शक्तियां और विशेषाधिकार
-
F. समस्याएँ
-
G. संसद और राज्य विधानमंडल: निष्कर्ष
6. कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
-
A. संघ कार्यकारिणी
-
B. राज्य कार्यकारिणी
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C. न्यायतंत्र
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C.1. भारत का सर्वोच्च न्यायालय
-
C.2. उच्च न्यायालय
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C.3. अधीनस्थ न्यायालय
-
D. न्यायपालिका की स्वतंत्रता
8. विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।
-
अवलोकन
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A. भारत के राष्ट्रपति
-
B. भारत के उपराष्ट्रपति
-
C. प्रधानमंत्री
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D. मंत्री परिषद्
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E. राज्यों के राज्यपाल
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F. भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
-
G. भारत निर्वाचन आयोग
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H. संघ लोक सेवा आयोग
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I. राज्य लोक सेवा आयोग
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I.1. शक्तियां
-
J. वित्त आयोग
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K. माल और सेवा कर परिषद
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L. भारत के अटॉर्नी जनरल
-
M. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक [CAG]
-
N. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
-
O. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
-
P. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
-
Q. भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी
-
R. महाधिवक्ता
10. सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
-
A. 1950 से 1980 के दशक के दौरान भारत का विकास
-
A.1. मिश्रित अर्थव्यवस्था का परिचय
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A.2. भारत में भूमि सुधार
-
A.3. भारत में कृषि सुधार
-
B. हाल के वर्षों में विकास के लिए क्षेत्रीय नीतियां और हस्तक्षेप
-
B.1. सामाजिक क्षेत्र का विकास
-
B.2. हाल के वर्षों में सामाजिक क्षेत्र में प्रमुख सरकारी हस्तक्षेप
-
i. स्वास्थ्य
-
ii. शिक्षा
-
iii. ग्रामीण विकास
-
iv. शहरी विकास
-
v. महिला बाल विकास
-
vi. कौशल विकास
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vii. सामाजिक सुरक्षा
-
C. सरकारी नीतियों के कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे
-
D. सरकारी नीतियों के कार्यान्वयन और डिजाइन में चुनौतियाँ
-
E. सरकारी नीतियां बनाते समय ध्यान में रखने योग्य कारक
11. विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।
-
A. विकास प्रक्रियाएँ और विकास उद्योग
-
B. विकास के आयाम
-
C. नागरिक समाज
-
D. गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ)
-
D.1. गैर सरकारी संगठनों के प्रकार
-
E. स्वयं सहायता समूह
-
F. सूक्ष्म वित्त संस्थाएं
-
G. सोसायटी, ट्रस्ट, दानकर्ता, धर्मार्थ संस्थाएं और अन्य हितधारक
-
G.1. सोसायटी
-
G.2. ट्रस्ट, धार्मिक बंदोबस्ती और वक्फ
-
H. निष्कर्ष
12. केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।
-
A. केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ
-
A.2. कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
-
i. बच्चे
-
ii. विकलांग व्यक्ति
-
iii. वरिष्ठ नागरिकों
-
iv. औरत
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v. विपरीतलिंगी
-
vi. गरीब
-
vii. पुटपाथ विक्रेता
-
viii. बेघर
-
ix. अन्य
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B. कल्याणकारी योजनाओं का निष्पादन
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B.1. सकारात्मक
-
B.2. नकारात्मक
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C. आगे बढ़ने का रास्ता
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D. अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय
-
D.1. सबसे पहले, कमजोर वर्ग कौन हैं?
-
D.2. कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा के लिए तंत्र
-
D.3. कमजोर वर्गों के विकास और बेहतरी के लिए कानून
-
D.4. कमजोर वर्गों के लिए संवैधानिक प्रावधान
-
i. समग्र रूप से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के लिए प्रासंगिक संवैधानिक प्रावधान
-
ii. अनुसूचित जातियों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
iii. सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (ओबीसी) से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
iv. विकलांग व्यक्तियों और वृद्धों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
v. मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
vi. बच्चों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
vii. महिलाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
viii. कुछ सामान्य प्रावधान
-
D.5. कमजोर वर्गों के लिए वैधानिक प्रावधान
-
D.6. कमजोर वर्गों के विकास के लिए संस्थाएँ
-
D.7. कमजोर वर्गों के विकास के लिए निकाय
13. स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
-
अवलोकन
-
A. स्वास्थ्य क्षेत्र
-
A.1. एंटी माइक्रोबियल प्रतिरोध के खतरे से निपटने में भारत की समस्याएं
-
A.2. भारत का रोग भार
-
A.3. सरकारी पहल
-
A.4. भारत में अच्छे स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
-
B. शिक्षा
-
B.1. भारत में साक्षरता दर की स्थिति
-
B.2. भारत में शिक्षा क्षेत्र पर विभिन्न रिपोर्टें
-
i. एएसईआर रिपोर्ट
-
B.3. भारत में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकारी पहल
-
C. मानव संसाधन
-
C.1. मानव संसाधन विकास से संबंधित सरकारी योजनाएं
-
D. निष्कर्ष
14. गरीबी और भुखमरी से संबंधित मुद्दे
-
A. गरीबी से संबंधित मुद्दे
-
A.1. गरीबी क्या है?
-
A.2. भारत में गरीबी की स्थिति
-
A.3. गरीबी के विभिन्न परिणाम क्या हैं?
-
A.4. गरीबी रेखा क्या है?
-
A.5. गरीबी रेखा आकलन की सीमाएं
-
A.6. भारत में गरीबी आकलन का विकास कैसे हुआ है?
-
A.7. गरीबी मापने के विभिन्न सूचकांक क्या हैं?
-
i. वैश्विक संकेतक
-
ii. राष्ट्रीय संकेतक
-
A.8. भारत में गरीबी उन्मूलन के लिए सरकार की विभिन्न पहल क्या हैं?
-
A.9. Team Mindplan द्वारा अतिरिक्त सुझाव
-
B. भुखमरी से संबंधित मुद्दे
-
B.1. भूख क्या है?
-
B.2. खाद्य असुरक्षा क्या है और इसका भूख से क्या संबंध है?
-
B.3. कुपोषण क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
-
B.4. भूख को मापने के लिए प्रयुक्त विभिन्न संकेतक क्या हैं?
-
i. वैश्विक भूख सूचकांक
-
ii. अन्य वैश्विक संकेतक
-
B.5. भारत में भुखमरी के क्या कारण हैं?
-
B.6. भारत में भुखमरी की व्यापकता के परिणाम क्या हैं?
-
B.7. भारत में भुखमरी से निपटने के लिए सरकार की विभिन्न पहल क्या हैं?
-
B.8. भारत में भुखमरी उन्मूलन के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं?
15. शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय। (copy)
-
A. शासन के महत्वपूर्ण पहलू
-
A.1. परिभाषाएँ
-
i. शासन क्या है?
-
ii. कॉर्पोरेट प्रशासन क्या है?
-
iii. सुशासन
-
A.2. भारत में शासन का विकास
-
A.3. शासन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर डेटा
-
A.4. शासन के प्रमुख पहलू
-
A.5. शासन के विभिन्न मॉडल
-
A.6. सुशासन
-
i. सुशासन का विकास
-
ii. सुशासन के मूल सिद्धांत (यूएनईएससीएपी)
-
A.7. विकास पर खराब प्रशासन का प्रभाव
-
A.8. उठाए गए कदम
-
A.9. सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं
-
A.10. नागरिक भागीदारी और सुशासन
-
i. फ़ायदे
-
ii. नागरिक भागीदारी में चुनौतियाँ
-
A.11. आगे का रास्ता
-
A.12. वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाएँ
-
B. पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष
-
B.1. पारदर्शिता
-
i. विश्व बैंक द्वारा परिभाषा
-
ii. पारदर्शिता और सुशासन
-
iii. चुनौतियां
-
iv. शासन में पारदर्शिता बढ़ाने की रणनीतियाँ
-
v. पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकारी पहल
-
vi. पारदर्शिता बनाम गोपनीयता
-
vii. पारदर्शिता पर जोर
-
viii. गोपनीयता बनाए रखना
-
ix. दोनों अधिकारों में संतुलन
-
x. पारदर्शिता और गोपनीयता
-
xi. आगे बढ़ने का रास्ता
-
B.2. जवाबदेही
-
i. जवाबदेही के विभिन्न रूप
-
ii. जवाबदेही के तंत्र
-
iii. भारत में शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की चुनौतियाँ
-
iv. आगे बढ़ने का रास्ता
-
B.3. नागरिक चार्टर
-
i. नागरिक चार्टर के घटक
-
ii. नागरिक चार्टर का महत्व
-
iii. समस्याएँ
-
iv. आगे बढ़ने का रास्ता
-
B.4. सामाजिक अंकेक्षण
-
i. भारत में सामाजिक लेखापरीक्षा का विकास
-
ii. सामाजिक लेखापरीक्षा के उद्देश्य
-
iii. सामाजिक लेखापरीक्षा के सिद्धांत:
-
iv. भारत में सामाजिक लेखापरीक्षा का महत्व
-
v. सामाजिक लेखापरीक्षा के कार्यान्वयन में चुनौतियाँ
-
vi. सामाजिक लेखापरीक्षा को संस्थागत बनाने के लिए सरकार के कदम
-
vii. आगे बढ़ने का रास्ता
-
B.5. सूचना का अधिकार
-
i. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
-
ii. संवैधानिक आधार
-
iii. सूचना के अधिकार पर सर्वोच्च न्यायालय
-
iv. भारत में आरटीआई अधिनियम का विकास
-
v. आरटीआई अधिनियम, 2005 की मुख्य विशेषताएं
-
vi. आरटीआई का महत्व
-
vii. आरटीआई की प्रमुख उपलब्धियां
-
viii. आरटीआई अधिनियम संशोधन 2019
-
ix. आरटीआई अधिनियम के कार्यान्वयन में आने वाली समस्याएं
-
x. आरटीआई अधिनियम का दुरुपयोग
-
xi. आगे बढ़ने का रास्ता
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C. ई-गवर्नेंस: अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं
-
C.1. ई-गवर्नेंस क्या है?
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C.2. ई-गवर्नेंस के प्रकार (उदाहरण सहित)
-
C.3. ई-गवर्नेंस के उद्देश्य
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C.4. ई-गवर्नेंस की विशेषताएं
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C.5. G2C और G2E तथा G2B और G2G के लिए ई-गवर्नेंस
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C.6. भारतीय शासन में ई-गवर्नेंस संबंधी अनुप्रयोग
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C.7. ई-गवर्नेंस के मॉडल
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C.8. भारत में ई-गवर्नेंस की सफलता: एक व्यापक अवलोकन
-
C.9. भारत में ई-गवर्नेंस की सीमाएँ
-
C.10. ई-गवर्नेंस की चुनौतियाँ
-
C.11. भारत में ई-गवर्नेंस की संभावनाएं
-
C.12. ई-गवर्नेंस पर द्वितीय एआरसी की सिफारिशें
-
D. नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय
-
D.1. नागरिक चार्टर क्या है?
-
D.2. नागरिक चार्टर के संदर्भ में ‘नागरिक’ कौन है?
-
D.3. नागरिक चार्टर की उत्पत्ति और विकास
16. लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
-
A. लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
-
A.1. लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका
-
A.2. भारत में सिविल सेवाओं का विकास
-
A.3. लोकतंत्र में सिविल सेवाओं के कार्य
-
A.4. भारतीय सिविल सेवाओं से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
-
A.5. आधुनिक समाज में सिविल सेवाओं के महत्व में योगदान देने वाले कारक
-
A.6. सिविल सेवाओं का महत्व
-
A.7. एक सिविल सेवा अधिकारी की जिम्मेदारी
-
A.8. सिविल सेवाओं को प्रभावित करने वाली समस्याएं
17. भारत एवं इसके पड़ोसी संबंध।
-
A. भारत एवं इसके पड़ोसी संबंध।
-
A.1. भारत की पड़ोस प्रथम नीति
-
A.2. भारत की पड़ोस प्रथम नीति का उद्देश्य
-
i. कनेक्टिविटी
-
ii. आर्थिक क्षेत्र में सहयोग
-
iii. आपदा प्रबंधन में सहयोग
-
iv. सैन्य एवं रक्षा क्षेत्र में सहयोग
-
A.3. भारत-बांग्लादेश संबंध
-
A.4. भारत-पाकिस्तान संबंध
-
A.5. भारत-चीन संबंध
-
A.6. भारत-नेपाल संबंध
-
A.7. भारत-भूटान संबंध
-
A.8. भारत-श्रीलंका संबंध
-
A.9. भारत-मालदीव संबंध
-
A.10. भारत-अफगानिस्तान संबंध
-
A.11. भारत और उसके पड़ोसी संबंध: निष्कर्ष
18. द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
-
अवलोकन
-
A. द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
-
A.1. भारत के द्विपक्षीय क्षेत्रीय वैश्विक समूहों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
-
A.2. द्विपक्षीय समूह और समझौते
-
A.3. कुछ वैश्विक समूह
-
A.4. कुछ क्षेत्रीय समूह
19. भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
-
अवलोकन
-
A. भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव
-
A.1. अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में वर्तमान स्थिति
-
A.2. विश्व की नीतियों और राजनीति का भारत पर प्रभाव
-
A.3. चीन और भारत की विकास रणनीतियाँ
-
A.4. रूस-यूक्रेन संकट पर भारत का रुख
-
A.5. चीन और पाकिस्तान के प्रति भारत की विदेश नीति
-
A.6. भारत छोटे द्वीपीय देशों के करीब बढ़ रहा है
-
A.7. भारत और जी-20 की अध्यक्षता
-
A.8. विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का भारत पर प्रभाव
GS3
All topics given below
1. भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
-
अवलोकन
-
A. भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना
-
A.1. अर्थव्यवस्था शब्द की परिभाषा
-
A.2. योजना की परिभाषा
-
A.3. भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना से संबंधित मुद्दे
-
B. भारतीय अर्थव्यवस्था और संसाधनों के जुटाने से संबंधित मुद्दे
-
B.1. संसाधनों का जुटाना
-
B.2. भारत के संसाधनों के प्रकार
-
B.3. प्राकृतिक संसाधनों का संचलन
-
B.4. मानव संसाधन जुटाना
-
B.5. वित्तीय संसाधनों का जुटाना
-
B.6. राज्य की वित्तीय चिंताएँ
-
B.7. भारतीय अर्थव्यवस्था और संसाधनों के जुटाने से संबंधित मुद्दे
-
C. भारतीय अर्थव्यवस्था और विकास से संबंधित मुद्दे
-
D. भारतीय अर्थव्यवस्था और विकास से संबंधित मुद्दे
-
E. भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से संबंधित मुद्दे
-
F. निष्कर्ष
2. समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।
-
A. समावेशी विकास
-
A.1. समावेशी विकास की विशेषताएं
-
A.2. समावेशी विकास के तत्व
-
A.3. चुनौतियां
-
A.4. समावेशी विकास का मापन
-
A.5. समावेशी विकास के लिए भारतीय प्रयास
-
A.6. आगे बढ़ने का रास्ता
3. सरकारी बजट
-
C. भारत का केंद्रीय बजट
-
D. भारत के केंद्रीय बजट के बारे में मुख्य तथ्य
-
G. सरकारी बजट के घटक
-
G.1. राजस्व बजट
-
i. राजस्व प्राप्तियां
-
ii. राजस्व व्यय
-
G.2. पूंजीगत बजट
-
I. घाटा और उसके प्रकार
4. मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।
-
C. कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ
-
C.1. परिचय
-
C.2. कटाई के बाद के महत्वपूर्ण चरण- भंडारण, परिवहन और विपणन
-
C.3. कृषि उपज के कुशल भंडारण, परिवहन और विपणन की आवश्यकता
-
C.4. कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन का महत्व
-
C.5. कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन के लिए कौन जिम्मेदार है?
-
C.6. कृषि उपज का भंडारण-महत्व, मुद्दे एवं संबंधित बाधाएँ।
-
C.7. कृषि उपज का परिवहन- महत्व, मुद्दे एवं संबंधित बाधाएं।
-
C.8. कृषि उपज का विपणन- महत्व, मुद्दे एवं संबंधित बाधाएँ।
-
C.9. कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन से संबंधित हालिया कानून
-
C.10. निष्कर्ष
-
D. किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी
-
D.1. परिचय
-
D.2. किसानों की सहायता के लिए सरकारी पहल
-
i. अन्य राज्य स्तरीय पहल
-
D.3. ई-प्रौद्योगिकी कार्यान्वयन में बाधाएं
-
D.4. कृषि में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का प्रभाव
-
D.5. भारत में डिजिटल कृषि के लिए आगे का रास्ता
5. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।
-
A. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय
-
A.1. कृषि सब्सिडी क्या है?
-
A.2. भारत में कृषि सब्सिडी
-
A.3. कृषि सब्सिडी की आवश्यकता
-
A.4. कृषि सब्सिडी के प्रकार
-
A.5. प्रत्यक्ष सब्सिडी
-
A.6. अप्रत्यक्ष सब्सिडी
-
A.7. सामान्यतः कृषि सब्सिडी से संबंधित मुद्दे
-
A.8. सब्सिडी के कारण उत्पन्न अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे
-
A.9. समस्याओं से निपटने के उपाय और सुझाव
-
A.10. अंतर्राष्ट्रीय उपाय
-
A.11. न्यूनतम समर्थन मूल्य
-
A.12. निष्कर्ष
-
D. प्रौद्योगिकी मिशन
-
D.1. प्रौद्योगिकी मिशन क्या हैं?
-
D.2. कृषि में प्रौद्योगिकी मिशन
-
D.3. प्रौद्योगिकी मिशनों से कृषि को किस प्रकार लाभ हुआ है?
-
D.4. प्रौद्योगिकी मिशनों की सीमित सफलता के कारण
-
D.5. आगे बढ़ने का रास्ता
6. भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।
-
A. भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।
-
A.1. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में प्रक्रियाएं
-
A.2. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में उत्पाद
-
A.3. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग महत्वपूर्ण क्यों हैं?
-
A.4. भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का दायरा और महत्व
-
i. भारत में खाद्य उद्योगों का स्थान
-
A.5. खाद्य प्रसंस्करण के प्रमुख क्षेत्र
-
A.6. खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम आवश्यकताएं
-
A.7. आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
-
A.8. खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास में बाधाएं
-
A.9. सरकारी पहल
-
A.10. सरकार की प्रमुख योजनाएँ
-
A.11. बोर्ड और संस्थाएं
-
A.12. भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की वर्तमान स्थिति और भविष्य
-
A.13. खाद्य उत्पादन से संबंधित क्रांतियाँ
10. निवेश मॉडल।
-
A. निवेश क्या है?
-
A.1. अर्थव्यवस्था में निवेश का महत्व
-
A.2. निवेश और जीडीपी के बीच संबंध
-
A.3. निवेश का वर्गीकरण
-
A.4. निवेश को प्रभावित करने वाले कारक
11. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।
-
A. परिचय
-
B. विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विकास
-
C. प्राचीन और मध्यकालीन भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी
-
D. आधुनिक भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास
-
E. विज्ञान और प्रौद्योगिकी में विकास-रोजमर्रा की जिंदगी पर प्रभाव
-
F. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा समाज में विकास
12. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
-
A. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ
-
A.1. 1950 का दशक
-
A.2. 1960 का दशक
-
A.3. 1970 का दशक
-
A.4. 1980 का दशक
-
A.5. 1990 का दशक
-
A.6. 2000 का दशक
-
A.7. 2010 का दशक
-
A.8. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां: निष्कर्ष
-
B. देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
-
B.1. प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण से क्या तात्पर्य है?
-
B.2. प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकियों के विकास का महत्व
-
B.3. प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण के लाभ
-
B.4. नई प्रौद्योगिकी का विकास
-
B.5. भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण
-
B.6. निष्कर्ष
13. सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।
-
A. सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी
-
A.1. सूचना प्रौद्योगिकी
-
i. आईटी के क्षेत्र में जागरूकता की आवश्यकता
-
A.2. अंतरिक्ष
-
i. कुछ भारतीय अंतरिक्ष मिशन
-
ii. विदेशी एजेंसियों द्वारा कुछ अंतरिक्ष मिशन
-
A.3. कंप्यूटर
-
i. कंप्यूटर के प्रकार
-
ii. नव गतिविधि
-
A.4. रोबोटिक
-
i. रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ
-
ii. नव गतिविधि
-
A.5. नैनो
-
i. अनुप्रयोग
-
ii. नव गतिविधि
-
A.6. जैव प्रौद्योगिकी
-
i. अनुप्रयोग
-
ii. नव गतिविधि
-
A.7. निष्कर्ष
-
B. बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।
-
B.1. बौद्धिक संपदा अधिकारों की श्रेणियाँ
-
B.2. भारत के बौद्धिक संपदा अधिकार
-
B.3. आईपीआर की राष्ट्रीय नीति 2016
-
B.4. भारत के बौद्धिक संपदा अधिकार से संबंधित मुद्दे
-
B.5. आगे बढ़ने का रास्ता
-
B.6. निष्कर्ष
14. संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
-
A. संरक्षण
-
A.1. वन्यजीव संरक्षण
-
A.2. वन्यजीव संरक्षण परियोजनाएं
-
A.3. विभिन्न वन्यजीव संरक्षण परियोजनाएँ
-
A.4. निष्कर्ष
-
A.5. पर्यावरण संरक्षण
-
C. पर्यावरण प्रभाव का आकलन
-
C.1. पर्यावरण प्रभाव आकलन क्या है?
-
C.2. ईआईए का विकास और इतिहास
-
C.3. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन के उद्देश्य
-
C.4. पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) प्रक्रिया
-
C.5. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन का महत्व
-
C.6. वर्तमान ईआईए रिपोर्ट – भारत
-
i. भारत में पर्यावरण प्रभाव आकलन
-
ii. पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना, 2006
-
iii. पिछले कुछ वर्षों में हुए कुछ प्रमुख परिवर्तन इस प्रकार हैं:
19. सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।
-
A. सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन
-
A.1. पृष्ठभूमि- भारतीय सीमाओं के बारे में
-
A.2. भारत की अपने पड़ोसी देशों के साथ सीमाएँ
-
A.3. तटीय सुरक्षा
-
A.4. सीमा प्रबंधन का महत्व
-
A.5. सीमा प्रबंधन में चुनौतियाँ
-
A.6. खराब सीमा प्रबंधन के परिणाम
-
A.7. क्या किया जाए?
-
A.8. उठाए गए कदम
-
i. “एक सीमा, एक बल” सिद्धांत
-
ii. बेहतर सीमा प्रबंधन के लिए योजनाएं शुरू की गईं
-
A.9. निष्कर्ष
-
B. संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध
-
B.1. संगठित अपराध क्या हैं?
-
B.2. आतंक
-
B.3. संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच अंतर
-
B.4. संगठित अपराधों का आतंकवाद से संबंध
-
B.5. भारत में संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध
-
B.6. संगठित अपराध और आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए वैश्विक प्रयास
-
B.7. चुनौतियां
-
B.8. निष्कर्ष और आगे का रास्ता
GS3: ENVIRONMENT
-
iii. स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र का सारांश
-
iii.1. टुंड्रा पारिस्थितिक तंत्र
-
iii.2. वन पारिस्थितिकी तंत्र
-
i. भारतीय वनो के प्रकार
-
iii.3. घास के मैदान पारिस्थितिकी तंत्र
-
i. ग्रासलैंड के प्रकार
-
ii. अग्नि की भूमिका
-
iii.4. मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र
-
iv. जलीय पारिस्थितिकी तंत्र
-
iv.1. जल जीवन
-
iv.2. जलीय आवास की उत्पादकता को सीमित करने वाले कारक
-
iv.3. झील पारिस्थितिकी
-
iv.4. यूट्रोफ़िकेशन (Eutrophication) या सुपोषण
-
iv.5. आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र
-
iv.6. राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स की पहचान के लिए मानदंड
-
iv.7. इस्ट्यूरी इकोसिस्टम
-
iv.8. कच्छ वनस्पति
-
iv.9. मूंगे की चट्टानें
-
iv.10. प्रवाल विरंजन
-
iv.11. समुद्री और तटीय वातावरण की सुरक्षा के लिए मुख्य पहल
-
v. पर्यावरण प्रदूषण
-
v.1. परिचय
-
v.2. वायु प्रदुषण
-
v.3. अन्य प्रमुख प्रदूषण और प्रदूषक
-
v.4. जैविक उपचार
-
x. भारतीय जैव विविधता और विभिन्न लैंडस्केप
-
x.1. भारत रिपोर्ट
-
x.2. फ्लोरल डाइवर्सीटी
-
x.3. भारत का वन्यजीवन
-
xv. संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क
-
xv.1. संरक्षित क्षेत्र (पीए)
-
xv.2. संरक्षण रिजर्व और सामुदायिक रिजर्व
-
xv.3. अन्य संरक्षित क्षेत्र
-
xv.4. मनुष्य और जीवमंडल
-
xv.5. जैव विविधता स्पॉट
-
xvi. संरक्षण के प्रयासों
-
xvi.1. परियोजना टाइगर
-
xvi.2. टाइगर रिजर्व
-
xvi.3. परियोजना हाथी
-
xvi.4. हाथियों के अवैध हत्या (MIKE) कार्यक्रम की निगरानी
-
xvi.5. गिद्ध
-
xvi.6. वन हॉर्न राइनो
-
xvi.7. हिम तेंदुआ
-
xvi.8. समुद्री कछुआ परियोजना
-
xvi.9. भारतीय मगरमच्छ संरक्षण परियोजना
-
xvi.10. परियोजना हंगुल
-
xvi.11. गंगा डॉल्फिन
-
xvi.12. अनुसूची सूची – WPA, 1972
-
xvii. जलवायु परिवर्तन
-
xvii.1. परिचय
-
xvii.2. वैश्विक वार्मिंग (copy)
-
xvii.3. ग्रीनहाउस प्रभाव
-
xvii.4. ग्रीन हाउस गैसें
-
xvii.5. जलवायु बल
-
xvii.6. ग्लोबल वार्मिंग क्षमता
-
xvii.7. पीछे हटते ग्लेशियर – वैश्विक जलवायु परिवर्तन का एक लक्षण
-
xvii.8. स्रोत द्वारा वैश्विक उत्सर्जन
-
xviii. महासागर अम्लीकरण
-
xxi. शमन की रणनीतियाँ
-
xxi.1. कार्बन पृथक्करण
-
xxi.2. अन्य रणनीतियाँ
-
xxii. भारत और जलवायु परिवर्तन
-
xxii.1. भारत के जलवायु परिवर्तन पर स्थिति
-
xxii.2. भारत में अधिकृत जलवायु और मौसम परिवर्तन
-
xxii.3. अनुकूलन और स्थिति के लिए वर्तमान कार्य
-
xxii.4. आठ राष्ट्रीय मिशन
-
xxii.5. जलवायु परिवर्तन पर भारतीय नेटवर्क
-
xxii.6. राष्ट्रीय संचार (NATCOM)
-
xxii.7. भारत की राजनीति संरचना जीएचआई विभाजन के लिए आवश्यक है
-
xxii.8. बड़ी औद्योगिक कंपनियों के ऊर्जा लेखा परीक्षा
-
xxii.9. BSE-GREENEX
-
xxiii. जलवायु परिवर्तन संगठन
-
xxiii.1. UNFCCC
-
xxiii.2. KYOTO PROTOCOL (KP): COP-3
-
xxiii.3. जलवायु- स्मार्ट कृषि
-
xxiii.4. जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (पीसीसी)
-
xxiii.5. राष्ट्रीय ग्रीन हाउस गैस कार्यक्रम कार्यक्रम (एनजीजीआईपी)
-
xxiii.6. पारिस्थितिकीय अर्थव्यवस्था
-
xxv. अधिनियम और नीतियां
-
xxviii अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन
-
xxviii.1. मुख्य पर्यावरण अंतर्राष्ट्रीय विचार
-
xxviii.2. पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCED)
-
xxviii.3. जैविक विविधता पर सम्मेलन (सीबीडी)
-
xxviii.4. जीव विविधता पर सम्मेलन के लिए जैव सुरक्षा पर कार्टाजेना प्रोटोकॉल
-
xxviii.5. सीओपी 11 (COP 11) हैदराबाद
-
xxviiii.6. WETLANDS पर RAMSAR कन्वेंशन
-
xxviii.7. सीआईटीईएस (CITES)
-
xxviii.8. अन्य प्रमुख पर्यावरण सम्मेलन
-
xxix. पर्यावरण के मुद्दे और स्वास्थ्य प्रभाव
-
xxix.1. टॉक्सिकोलॉजी प्रभाव
-
xxix.2. पर्यावरण का क्षरण के कारण रोग
-
xxix.3. राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास बोर्ड (NWDB)
GS4
All topics given below
6. लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
-
A. लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ
-
A.1. सार्वजनिक सेवा मूल्य और नैतिकता
-
i. सार्वजनिक सेवा मूल्य
-
ii. सार्वजनिक सेवा नैतिकता/ प्रशासनिक नैतिकता
-
A.2. सार्वजनिक सेवा मूल्यों और नैतिकता का महत्व
-
A.3. नैतिकता प्रबंधन के सिद्धांत
-
A.4. नैतिक ढांचे को मजबूत करने की भारतीय पहल
-
A.5. सार्वजनिक सेवा नैतिकता और मूल्यों की स्थिति और समस्याएं
-
A.6. निष्कर्ष
-
B. सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ
-
B.1. नैतिक चिंताएं और दुविधाएं क्या हैं?
-
i. नैतिक चिंताएँ
-
ii. नैतिक दुविधा
-
iii. सरकारी संस्थाओं में नैतिक चिंताएँ:
-
iv. निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएं
-
v. सरकारी संस्थाओं में नैतिक दुविधाएँ
-
vi. निजी संस्थानों में नैतिक दुविधाएँ
-
vii. नैतिक चिंताओं और दुविधाओं का समाधान
-
B.2. निष्कर्ष
-
C. नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में कानून, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा
-
C.1. नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में कानून
-
i. थॉमस एक्विनास के अनुसार कानून के प्रकार
-
ii. मानव कानून की तीन आवश्यक विशेषताएँ
-
C.2. नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में नियम
-
i. कानून और नियम के बीच अंतर
-
ii. कानून और नियम के बीच अंतर नियम बड़े प्रशासन के सुचारू संचालन के लिए बनाए जाते हैं इसलिए नियमों का पालन करना नैतिक कहा जा सकता है यदि
-
iii. कानून और नियम नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में क्यों कार्य करते हैं
-
iv. नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में कानून और नियम एवं विनियमों की सीमाएं
-
C.3. नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में विनियम
-
C.4. नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में विवेक
-
D. जवाबदेही तथा नैतिक शासन
-
D.1. जवाबदेही
-
D.2. नैतिक शासन
-
i. शासन क्या है?
-
ii. शासन के महत्वपूर्ण पहलू
-
iii. नैतिक शासन क्या है?
-
iv. नैतिक शासन के स्तंभ
-
v. उदाहरण और केस स्टडीज़
-
vi. सुशासन बनाम नैतिक शासन
-
vii. शासन में ईमानदारी और नैतिक शासन
-
viii. नैतिक शासन क्यों महत्वपूर्ण है
-
ix. निष्कर्ष
-
E. शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण
-
E.1. सिविल सेवा में नैतिक एवं नैतिक मूल्य क्यों महत्वपूर्ण हैं?
-
E.2. सुशासन में नैतिकता और नैतिक मूल्यों की भूमिका
-
E.3. शासन में नैतिक मूल्यों को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम
-
E.4. नैतिक एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए और कदम
-
E.5. निष्कर्ष
-
F. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे
-
F.1. नैतिक मुद्दे क्या हैं?
-
F.2. अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता क्या है?
-
F.3. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में नैतिकता के तीन दृष्टिकोण
-
F.4. अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता का महत्व
-
i. अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता और विदेशी वित्तपोषण
-
F.5. अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण से जुड़े नैतिक मुद्दे
-
F.6. निष्कर्ष
-
G. कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
-
G.1. कॉर्पोरेट गवर्नेंस क्या है?
-
i. के बारे में
-
ii. कॉर्पोरेट प्रशासन के सिद्धांत
-
iii. कॉर्पोरेट प्रशासन के चार पी(P)
-
G.2. कॉर्पोरेट प्रशासन के प्रमुख घटक क्या हैं?
-
i. निदेशक मंडल
-
ii. शेयरधारक और हितधारक
-
iii. प्रकटीकरण और पारदर्शिता
-
G.3. पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) लक्ष्य क्या हैं?
-
G.4. भारत में कॉर्पोरेट प्रशासन के लिए नियामक ढांचा क्या है?
-
i. नियामक ढांचे का विकास
-
ii. कंपनी अधिनियम, 2013
-
iii. राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए)
-
G.5. कॉर्पोरेट प्रशासन से जुड़ी नैतिक चुनौतियाँ क्या हैं?
-
G.6. कॉर्पोरेट प्रशासन में किन सुधारों की आवश्यकता है?
-
G.7. कॉर्पोरेट प्रशासन पर समिति की रिपोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय क्या हैं?
-
i. कोटक पैनल रिपोर्ट
-
ii. टीके विश्वनाथन समिति
-
iii. कुमार मंगलम बिड़ला समिति रिपोर्ट, 2000
-
iv. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय
-
G.8. निष्कर्ष
8. Ethics case studies
-
प्रश्न 1
-
प्रश्न 2
-
प्रश्न 3
-
प्रश्न 4
-
प्रश्न 5 :
-
प्रश्न 6
-
प्रश्न 7
-
प्रश्न 8
-
प्रश्न 9
-
प्रश्न 10
-
प्रश्न 11
-
प्रश्न 12
-
प्रश्न 13
-
प्रश्न 14
-
प्रश्न 15
-
प्रश्न 16
-
प्रश्न 17
-
प्रश्न 18
-
प्रश्न 19
-
प्रश्न 20
-
प्रश्न 21
-
प्रश्न 22
-
प्रश्न 23
-
प्रश्न 24
-
प्रश्न 25
-
प्रश्न 26
-
प्रश्न 27
GS3: SCIENCE AND TECHNOLOGY
1. प्लांट किंगडम
-
i. बैक्टीरिया, वायरस, शैवाल, कवक और लाइकेन
-
ii. गाइनोकेमियम के भाग, बीज, निष्क्रियता के कारण, फल, वाष्पोत्सर्जन, विल्टिंग
-
iii. पौधों, पत्ती, गाइनोकेम के फूल भागों में ऊतक प्रणाली
-
iv. श्वसन, वृद्धि और गति, वर्चुअलाइजेशन, फोटोऑपरोडिज़्म, कृत्रिम वनस्पति
2. भौतिक विज्ञान
-
i. भौतिकी सामान्य – सामान्य विज्ञान
-
ii. काम ऊर्जा शक्ति, सरल पेंडुलम और बहाल बल – भौतिकी, सामान्य विज्ञान
3. जीवविज्ञान और चिकित्सा
-
i. भारत में कुपोषण
-
ii. जापानी मस्तिष्ककोप
-
iii. इबोला वायरस
-
iv. निपाह वायरस
-
v. डेंगू: एक आम लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी
-
vi. मलेरिया
-
vii. लसीका फाइलेरिया
-
viii. लम्पी स्किन डिजीज (LSD)
-
ix. फंगल रोग
-
x. डीपीटी टीका
-
x.1. डीपीटी टीका सूची | DPT Vaccines Schedule
-
x.2. डीटीपी/डीटीएपी/टीडीएपी/टीडी टीकों हेतु सामान्य दिशानिर्देश | General guidelines for DTP/DTaP/Tdap/Td Vaccines
-
x.3. डीपीटी टीकों के प्रतिकूल प्रभाव | Adverse effects of DPT Vaccines
-
x.4. निष्कर्ष | Conclusion
-
xi. टीकों के प्रकार
-
xii. डीएनए वैक्सीन
-
xiii. हाइपोथर्मिया
-
xiv. ल्यूसिज्म
-
xv. क्लेबसिएला निमोनिया
-
xvi. हीमोफीलिया रोग
-
xvii. राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम
-
xviii. खसरा और रूबेला अभियान
-
xix. मातृ एवं नवजात टेटनस
-
xx. दुर्लभ रोग
-
xxi. खाद्य जनित रोग
-
xxii. जूनोटिक रोग
-
xxiii. पार्किंसंस रोग
-
xxiv. जैव प्रौद्योगिकी
-
xxv. मानव जीनोम
-
xxvi. जेनेटिक इंजीनियरिंग
-
xxvii. जीन संपादन
-
xxviii. जीन मैपिंग
-
xxix. आनुवंशिक बहुरूपता
-
xxx. हार्डी-वेनबर्ग कानून
-
xxxi. डाउन सिंड्रोम
-
xxxii. पटाऊ सिंड्रोम
-
xxxiii. मानव विकास
-
xxxiv. ऊतक संवर्धन
-
xxxv. भ्रूण स्थानांतरण प्रौद्योगिकी
-
xxxvi. प्रयोगशाला में विकसित हीरा (एलजीडी)
-
xxxvii. स्टेम कोशिकाएं
-
xxxviii. फ्लुओक्सेटीन या प्रोज़ैक
-
xxxix. प्रेस्बायोपिया
-
xl. सीएआर टी-सेल थेरेपी
4. सूचना प्रौद्योगिकी और संचार
-
i. साइबर अपराध
-
ii. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
-
iii. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
-
iv. ब्लॉकचेन तकनीक
-
v. 5जी टेक्नोलॉजी
-
vi. फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (चेहरा पहचान प्रणाली)
-
vii. वेब 3.0: इंटरनेट का भविष्य
-
viii. वर्चुअल सिम: अवलोकन, लाभ और विशेषताएं!
-
ix. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन
-
x. सेमीकंडक्टर चिप
-
xi. भारत एआई मिशन
-
xii. क्लाउड कंप्यूटिंग
-
xiii. अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस)
-
xiv. हाइब्रिड युद्ध
-
xv. उन्नत कंप्यूटिंग विकास केंद्र (C-DAC)
-
xvi. न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग
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xvii. राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली
5. पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन
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i. अम्लीय वर्षा
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ii. इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट
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iii. आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ
6. सरकारी एजेंसियाँ और पहल
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i. वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)
-
ii. भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र
-
iii. अटल टिंकरिंग लैब
-
iv. BIRAC: नवाचार के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करना
-
v. राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन
-
vi. विज्ञान धारा योजना
7. रक्षा एवं सैन्य
-
i. ब्रह्मोस मिसाइल- एक रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
-
ii. एयर टू एयर मिसाइल
-
iii. सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल – विशेषता, प्रकार और भारत की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों की सूची!
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iv. एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल(ATGM): तकनीक, उन्नत प्रणाली
-
v. भारत में मिसाइलों की सूची : उनका वर्गीकरण, विशेषताएं और विशिष्टता
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v.1. मिसाइल क्या है? | What are Missiles?
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v.2. मिसाइलों की सूची का वर्गीकरण | Classification of Missiles List
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v.3. भारत में मिसाइलों की सूची | List of Missiles in India
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vi. राफेल फाइटर जेट
-
vii. एफ-16 फाइटर जेट
-
viii. एलसीए तेजस
-
ix. सीमा सड़क संगठन (BRO)
-
x. डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन)
-
xi. हैंड इन हैंड एक्सरसाइज
-
xii. थाड (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस)
-
xiii. विकिरण-रोधी मिसाइल
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xiv. इग्ला-एस वायु रक्षा प्रणाली
8. कृषि
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i. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)
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ii. जैविक खेती: हरित भविष्य के लिए टिकाऊ कृषि
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iii. मार्कर-सहायता प्राप्त चयन
9. अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी
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अवलोकन
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i. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)
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ii. आईएनएस विक्रांत: इतिहास, मुख्य विशेषताएं और महत्व
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iii. जूनो मिशन
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iv. मार्स ऑर्बिटर मिशन
-
v. इसरो गगनयान मिशन
-
vi. आदित्य एल1 मिशन
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vii. कार्टोसैट 2
-
viii. कार्टोसैट 3
-
ix. जीएसएलवी एमके3
-
x. प्रोजेक्ट मिनिएचर सन – इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER)
-
xi. ब्लू डॉट नेटवर्क (बीडीएन)
-
xii. अंतरिक्ष गतिविधियाँ विधेयक
-
xiii. कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट
-
xiv. इजेक्टा हेलो
10. ऊर्जा
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i. भारत का 3 चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम
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ii. परमाणु ईंधन चक्र
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iii. पोखरण 2
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iv. भारत के परमाणु सिद्धांत के स्तंभ
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v. परमाणु रिएक्टरों के प्रकार
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vi. सौर सेल
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vii. अपशिष्ट से ऊर्जा (डब्ल्यूटीई) संयंत्रों की व्याख्या
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viii. शेल गैस
11. आपदा प्रबंधन
-
i. महाराष्ट्र में आपदा प्रबंधन
12. अन्य
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i. लिगो इंडिया प्रोजेक्ट
-
ii. राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (एनसीपीओआर)
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ii.1. राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र क्या है? | What is the National Centre for Polar and Ocean Research?
-
iii. भारतीय अंतरिक्ष संघ (ISPA)
-
iv. ग्रह और उपग्रह में अंतर
-
v. उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग
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vi. मलेरिया और डेंगू के बीच अंतर
-
vi.1. मलेरिया और डेंगू में अंतर
-
vii. इच्छामृत्यु: स्वायत्तता और नैतिक विचारों में संतुलन
-
viii. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000
-
ix. रिक्टर स्केल
-
ix.1. परिचय
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ix.2. रिक्टर और मर्केलि पैमानों के बीच प्रमुख अंतर इस प्रकार हैं:
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ix.3. अलग-अलग शक्ति के भूकंप | Earthquakes of Varying Strengths
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ix.4. भारत में प्रमुख भूकंपों की सूची | List of Major Earthquakes in India
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ix.5. भूकंपीय क्षेत्रों का वर्गीकरण | Classification of Seismic Zones
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ix.6. निष्कर्ष | Conclusion
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x. ब्लैक बॉक्स ट्रेडिंग या एल्गोरिथम ट्रेडिंग
-
xi. डार्क नेट
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xii. नकारात्मक द्रव्यमान
-
xiii. हाइपोक्सिया
-
xiv. डिक्लोफेनाक
-
xv. उभरती हुई प्रौद्योगिकियाँ
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xvi. राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार
-
xvii. लोन वुल्फ अटैक
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xviii. डार्क मैटर
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xix. स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन
-
xx. रैमजेट और स्क्रैमजेट इंजन के बीच अंतर
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xxi. दबाव स्विंग अवशोषण
भारत आर्थिक सर्वेक्षण 2024
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1. आर्थिक सर्वेक्षण महत्वपूर्ण जानकारी
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1.1 आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें 2023-24
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1.2 आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि और गिरावट
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1.3 विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उभरती वैश्विक बाज़ार स्थिति
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1.4 आर्थिक सर्वेक्षण में योजनाओं पर मुख्य बिंदु
केंद्रीय बजट विश्लेषण 2024
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1. केंद्रीय बजट 2024-25 संपूर्ण विश्लेषण
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1.1 महत्वपूर्ण बिंदु
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1.2 विभिन्न क्षेत्रों और योजनाओं के लिए प्रमुख व्यय
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1.2.a. महत्वपूर्ण बिंदु
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1.3 नौ (9) प्रमुख प्राथमिकताएँ प्रस्तुत बजट में विकसितभारत @ 2024
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1.4 बजट 2024-25 द्वारा प्रारंभ की गई नई योजनाएं एवं अभियान
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1.5 बजट 2024-25 में मौजूदा योजनाओं में पहल
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1.6 नई कर व्यवस्था के मुख्य बिंदु
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1.6.a. इनकम टैक्स स्लैब बजट 2024
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1.7 बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष पैकेज
भारत आर्थिक सर्वेक्षण 2025
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1. आर्थिक सर्वेक्षण की मूलभूत जानकारी
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1.1. अर्थव्यवस्था की स्थिति
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1.2. मौद्रिक और वित्तीय क्षेत्र विकास
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1.3. बाह्य क्षेत्र: एफडीआई(FDI) को सही दिशा में ले जाना
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1.4. मूल्य और मुद्रास्फीति
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1.5. मध्यम अवधि का दृष्टिकोण
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1.6. निवेश और अवसंरचना
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1.7. उद्योग: व्यवसाय सुधारों के बारे में सब कुछ
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1.8. सेवा: दिग्गजों के समक्ष नई चुनौतियां
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1.9. कृषि और खाद्य प्रबंधन: भविष्य का क्षेत्र
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1.10 जलवायु और पर्यावरण: अनुकूलन महत्वपूर्ण है
-
1.11. सामाजिक क्षेत्र
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1.12. रोजगार और कौशल विकास
-
1.13 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) युग में श्रम व्यवस्था
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1.14. आर्थिक सर्वेक्षण से याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु
केंद्रीय बजट विश्लेषण 2025
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1. केंद्रीय बजट 2024-25 संपूर्ण विश्लेषण
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1.1.a. बजट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी –
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1.2 वित्त मंत्री ने विकसित भारत के छह व्यापक सिद्धांतों को रेखांकित किया –
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1.2.a. “विकसित भारत” की आकांक्षा में शामिल हैं
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1.3 बजट में विकास यात्रा को आगे बढ़ाने वाले चार प्रमुख इंजनों पर प्रकाश डाला गया
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1.4. बजट 2025-26 का उद्देश्य
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1.4.a. निम्नलिखित क्षेत्रों में सुधार ईंधन के रूप में-
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1.5. बजट 2025-26 के प्रमुख वित्तीय आंकड़े
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1.5.a. विभिन्न क्षेत्रों/योजनाओं का प्रमुख व्यय
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1.5.b. राजस्व और व्यय के स्रोत:
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1.6 याद रखने योग्य अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
G7 शिखर सम्मेलन 2025
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1. G7: परिचय
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2. G7: पहला शिखर सम्मेलन
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3. G7: मेजबान देशों के नेता
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4. G7 शिखर सम्मेलन: पिछले वर्ष का विवरण
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5. G7 शिखर सम्मेलन 2025
-
6. कनाडा: G7 शिखर सम्मेलन
-
7. G7 शिखर सम्मेलन में भारत
ट्रम्प का टैरिफ (अप्रैल 2025)
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1. टैरिफ परिचय
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2. ट्रम्प के टैरिफ की मुख्य विशेषताएं
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3. ट्रम्प की टैरिफ नीति के आर्थिक प्रभाव
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3.1. पारस्परिक शुल्कों का सामना करने वाले राष्ट्र और उनकी प्रतिक्रियाएँ
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4. ट्रम्प टैरिफ: भारत पर प्रभाव
National & International Current Affairs (CA) 2025 [Hindi]
Current affairs of all months are given below
January National & International CA 2025 [Hindi]
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January National & International CA 2025 Part I
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January National & International CA 2025 Part II
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January National & International CA 2025 Part III
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January National & International CA 2025 Part IV
February National & International CA 2025 [Hindi]
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February National & International CA 2025 Part I
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February National & International CA 2025 Part II
-
February National & International CA 2025 Part III
-
February National & International CA 2025 Part IV
March National & International CA 2025 [Hindi]
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March National & International CA 2025 Part I
-
March National & International CA 2025 Part II
-
March National & International CA 2025 Part III
-
March National & International CA 2025 Part IV
April National & International CA 2025 [Hindi]
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April National & International CA 2025 Part I
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April National & International CA 2025 Part II
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April National & International CA 2025 Part III
-
April National & International CA 2025 Part IV
May National & International CA 2025 [Hindi]
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May National & International CA 2025 Part I
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May National & International CA 2025 Part II
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May National & International CA 2025 Part III
-
May National & International CA 2025 Part IV
June National & International CA 2025 [Hindi]
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June National & International CA 2025 Part I
-
June National & International CA 2025 Part II
-
June National & International CA 2025 Part III
-
June National & International CA 2025 Part IV
July National & International CA 2025 [Hindi]
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July National & International CA 2025 Part I
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July National & International CA 2025 Part II
-
July National & International CA 2025 Part III
-
July National & International CA 2025 Part IV
GS4 (copy)
All topics given below
August National & International CA 2025 [Hindi]
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August National & International CA 2025 Part I
-
August National & International CA 2025 Part II
-
August National & International CA 2025 Part III
-
August National & International CA 2025 Part IV
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