Economic and Sustainable Development

General Studies 1 (GS1) D. Economic and Sustainable Development / आर्थिक और सतत विकास – 1. Basic Features of Indian Economy / भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषताएँ | FREE GS2 Book Notes sample

1. Basic Features of Indian Economy (4 questions) [Highlighted in syllabus above]

1.1 Economics

What is Economics?

Economics is a social science concerned with the production, distribution, and consumption of goods and services. It studies how individuals, businesses, governments, and nations make choices on allocating resources to satisfy their wants and needs, trying to determine how these groups should organize and coordinate efforts to achieve maximum output.

Types of Economics

 A. Microeconomics 
 B. Macroeconomics

 

1.1 अर्थशास्त्र

 अर्थशास्त्र  क्या है?

अर्थशास्त्र एक सामाजिक विज्ञान है जो वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन, वितरण और खपत से संबंधित है। यह अध्ययन करता है कि व्यक्तियों, व्यवसायों, सरकारों और राष्ट्रों ने अपनी इच्छा और……………………………….. 

 अर्थशास्त्र  के प्रकार

  • व्यष्टि अर्थशास्त्र
  • समष्टि अर्थशास्त्र
  •  आर्थिक  प्रणाली के  प्रकार

    • पारंपरिक आर्थिक प्रणाली / Traditional economic system
    • कमान आर्थिक प्रणाली / Command economic system
    • ………………………………..
    • ………………………………..
    • ………………………………..

    General Studies 1 (GS1) D. Economic and Sustainable Development / आर्थिक और सतत विकास – 2. Sustainable Development And Economic Issues / सतत विकास और आर्थिक मुद्दे | FREE GS2 Book Notes sample

    2. Sustainable Development And Economic Issues (4 questions) 

    2.1 Indian Finance System 

    Money Market

    • It is used for short-term credit.
    • Generally, we use it for borrowing and lending of money up to 1 year.
    • It includes Reserve Bank of India,………………………………..
    • ………………………………..
    • ………………………………..
    • ……………………………….. 

    Capital Market

    • It is used for long-term credit.
    • Generally, we use it for borrowing and lending of money above 1 year.
    • It includes Stock exchanges, Housing finance companies, Insurance companies etc.
    • All the institutions listed in the capital market are called Non-banking financial companies (NBFCs). But it is.

     

    2. सतत विकास और आर्थिक मुद्दे (4 questions)

    2.1. भारतीय वित्त प्रणाली

    • भारतीय वित्त प्रणाली एक ऐसी व्यवस्था से है जिसमें व्यक्तियों, वित्तीय संस्थाओं, बैंकों, औद्योगिक कम्पनिओं तथा सरकार द्वारा वित्त की माँग होती है तथा इसकी पूर्ति की जाती है।
    • भारतीय वित्त प्रणाली के दो पक्ष है- पहला माँग पक्ष तथा दूसरा पूर्ति पक्ष।
    • माँग पक्ष का प्रतिनिधित्व व्यत्तिगत निवेशक, औद्योगिक तथा व्यापारिक कम्पनिओं, सरकर आदि करते है, जबकि पूर्ति पक्ष का प्रतिनिधित्व बैंक, बिमा कंपनी, म्यूच्यूअल फण्ड, तथा अन्य वित्तीय संस्थाएं करती है। 
    • वित्तीय प्रणाली के घटक: एक वित्तीय प्रणाली का अर्थ उस प्रणाली से है जो निवेशकों और उधारकर्ताओं के बीच पैसे के हस्तांतरण को सक्षम बनाती है। एक वित्तीय प्रणाली को एक अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय या संगठनात्मक स्तर पर परिभाषित किया जा सकता है।  “वित्तीय प्रणाली” में “प्रणाली” शब्द एक जटिल समूह को संदर्भित करता है और अर्थव्यवस्था के अंदर संस्थानों, एजेंटों, प्रक्रियाओं, बाजारों, लेनदेन, दावों से नजदीकी रूप से जुडा होता है। वित्तीय प्रणाली के पांच घटक हैं, जिनका विवरण निम्नवत् है:
    • वित्तीय संस्थान: यह निवेशकों और बचत कर्ताओं को मिलाकर वित्तीय प्रणाली को गतिमान बनाये रखते हैं। इस संस्थानों का मुख्य कार्य बचत कर्ताओं से मुद्रा इकठ्ठा करके उन निवेशकों को उधार देना है जो कि उस मुद्रा को बाजार में निवेश कर लाभ कमाना चाहते है अतः ये वित्तीय संस्थान उधार देने वालों और उधार लेने वालों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं I इस संस्थानों के उदहारण हैं :- बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान, स्वयं सहायता समूह, मर्चेंट बैंकर इत्यादि हैं I

     

    General Studies 1 (GS1) D. Economic and Sustainable Development / आर्थिक और सतत विकास – 3. Economic Reforms and Globalization / आर्थिक सुधार और वैश्वीकरण | FREE GS2 Book Notes sample

    3. Economic Reforms and Globalization (2 questions) [Highlighted in syllabus above]

    3.1 New Economic Policy, 1991

    New Economic Policy refers to economic liberalisation or relaxation in the import tariffs, deregulation of markets or opening the markets for private and foreign players, and reduction of taxes to expand the economic wings of the country.

    Former Prime Minister Manmohan Singh is considered to……………….. 

    3. आर्थिक सुधार और वैश्वीकरण (2 questions)

    3.1 1991 की नई आर्थिक नीति 

    आजादी के बाद 1991 का साल भारत के आर्थिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। इससे पहले देश एक गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था। इसी संकट ने भारत के नीति निर्माताओं को नयी आर्थिक नीति को लागू के लिए मजबूर कर दिया था । संकट से उत्पन्न हुई स्थिति ने सरकार को मूल्य स्थिरीकरण और संरचनात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से नीतियों का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया। स्थिरीकरण की नीतियों का उद्देश्य कमजोरियों को ठीक करना था, जिससे राजकोषीय घाटा और विपरीत भुगतान संतुलन को ठीक  किया सके।  संरचनात्मक सुधारों ने कठोर नियमों को दूर कर दिया था जिससे कारण सुधारों को  भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में भी लागू किया गया।

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